दिल्ली दर्पण ब्यूरो: पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में सोमवार शाम लगभग 6:52 बजे के करीब एक कार में जबर-दस्त विस्फोट हुआ, जो ठीक लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नं 1 के सामने हुआ। इस कार ब्लास्ट में अब तक कम-से-कम 13 लोग मारे गए और 20 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं।
घटना इतनी गंभीर थी कि फ़ायर ब्रिगेड ने सात फायर टेंडर मौके पर भेजे और आसपास की छह कारों व तीन ऑटो-रिक्शाओं में आग भी लग गई थी। पुलिस ने इस मामले को देश की मुख्य आतंकविरोधी कानून Unlawful Activities (Prevention) Act (यूएपीए) के तहत दर्ज किया है।
फिलहाल अभी तक यह स्पष्ट नहीं कि धमाका इत्तेफ़ाक-नहीं था, या फिर योजनाबद्ध हमला था। लेकिन शोरूम में चल रही पहले की जाँच और सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता यह संकेत देती है कि यह हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है जिसमें पाकिस्तान या उसकी समर्थित किसी आतंकी गुट का हाथ हो।

साज़िश के संकेत
सरकार ने कहा है कि “सभी कोणों की जांच की जा रही है”, यानी यह संभावना पूरी तरह से खारिज नहीं की गई है। इस प्रकार का हमला राजधानी के सबसे संवेदनशील इलाके में हुआ है जहाँ सुरक्षा आमतौर पर कड़ी रहती है, लेकिन यह सहज घटना नहीं लगती। पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क पिछले अनेक वर्षों में भारत में इस तरह की साजिशों के पीछे खड़े रहे हैं; इसलिए इस दिशा में भी एजेंसियों की निगाह स्वाभाविक है।
किन सवालों के जवाब अभी नहीं मिले
धमाके के पीछे अंतिम जिम्मेदार कौन हैं, अभी तक खुलासा नहीं हुआ।
सीधे तौर पर पाकिस्तान या किसी आतंकी संगठन की ओर इशारा अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ, इसलिए साज़िश कहना अभी पूरी तरह पुष्ट नहीं।

