Sunday, February 15, 2026
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सर्किल रेट बढ़ाओ या आंदोलन झेलो! मदनपुर डबास महापंचायत में फूटा दिल्ली के किसानों का गुस्सा, ₹10 करोड़ प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

नई दिल्ली: बाहरी दिल्ली के मदनपुर डबास में आज ‘दिल्ली देहात मोर्चा’ की विशाल महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें दिल्ली के हज़ारों किसानों ने हिस्सा लिया। महापंचायत का मुख्य एजेंडा दिल्ली में पिछले 17 सालों से नहीं बढ़े सर्किल रेट और DDA की लैंड पूलिंग पॉलिसी के नाम पर हो रहे कथित ‘महाघोटाले’ को बेनकाब करना रहा। किसानों ने साफ कर दिया है कि अब वे अपनी बेशकीमती जमीनों को कौड़ियों के दाम पर नहीं लुटने देंगे। गावं के दादा महेश्वर मंदिर परिसर में हुयी इस महापंचायत को दिल्ली देहात मोर्चा के अध्यक्ष राजीव यादव , पूर्व पार्षद जयेन्द्र डबास , सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र डबास , रानी खेड़ा से राजा राम , कंझावला से पार्सद संदीप डबास , सहित कई गावं से आये लोगो ने सम्बोधियत किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार वर्तमान में मात्र ₹2 करोड़ 12 लाख के आसपास मुआवजा दे रही है, जबकि बाज़ार में जमीनों की कीमतें आसमान छू रही हैं। यह सीधे तौर पर किसानों की जेब पर डाका है।

17 साल से धोखा: ₹10 करोड़ प्रति एकड़ मुआवजे की हुंकार

महापंचायत में किसानों ने सरकार को सीधी चेतावनी दी कि दिल्ली की कृषि भूमि के सर्किल रेट पिछले 17 वर्षों से नहीं बढ़ाए गए हैं, जो किसानों के साथ घोर अन्याय है। वक्तों ने कहा की आज जो मुआवजा सरकार दे रही है उससे एक रहने लायक घर तक नहीं खरीद सकते। उनके जमीन लेकर खेती बड़ी ख़त्म कर दी , दिल्ली देहात के युवा बेरोजगार हो रहे है।  सभी ने एक स्वर से मांग की है की वे तब तक लड़ते रहे जब तक की सरकार उन्हें 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा ना दे दे। दिल्ली देहात मोर्चा के बैनर से सीधे सीधे जंग छेड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि वे इस आंदोलन को दिल्ली के हर गावं तक लेकर जाएंगे।

DDA की लैंड पूलिंग: ‘आज़ाद भारत का सबसे बड़ा जमीन घोटाला’

दिल्ली देहात मोर्चा ने DDA की लैंड पूलिंग पॉलिसी को एक सोची-समझी साजिश करार दिया।

  • बिल्डर लॉबी को फायदा: किसानों का आरोप है कि DDA एक्ट 1957 में संशोधन कर इस पॉलिसी को कानून बनाना केवल बिल्डर लॉबी और बड़े पूंजीपतियों के फायदे के लिए है।
  • जबरन बेदखली का डर: किसानों ने दावा किया कि लैंड पूलिंग के नाम पर उनसे उनकी जमीन छीनकर उन्हें बिल्डरों का ‘गुलाम’ बनाने की तैयारी है। ₹20 करोड़ प्रति एकड़ का विकास शुल्क और 5 एकड़ जमीन की अनिवार्य शर्त को इस ‘घोटाले’ का हिस्सा बताया गया।

सरकार को आखिरी अल्टीमेटम: अब होगा आर-पार

महापंचायत के अंत में दिल्ली देहात मोर्चा ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए आगामी रणनीति का ऐलान किया:

  1. यदि सर्किल रेट में तुरंत भारी बढ़ोतरी नहीं हुई, तो दिल्ली के गांव-गांव में जन-जागरण अभियान चलाकर चक्का जाम किया जाएगा।
  2. ग्राम सभा की जमीनों पर DDA के कब्जे का ईंट से ईंट बजाकर विरोध होगा।
  3. सरकार को चेताया गया है कि किसान अब अपनी जमीन की रक्षा के लिए ‘आर-पार’ की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

यह भी पढ़ें:-  https://delhidarpantv.com/dalal-police-action-some-thing-is-in-the-incident-of-murder-in-the-incident-and-not-with-an-incident-in-the-incident-of-murder/

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