79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत अब न तो सिंधु जल समझौते के मौजूदा स्वरूप को स्वीकार करेगा और न ही पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की परमाणु धमकियों को बर्दाश्त करेगा।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “खून और पानी किसी भी हालत में एक साथ नहीं बहेंगे।” उन्होंने सिंधु जल समझौते को एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि इसने पिछले सात दशकों में भारतीय किसानों को अकल्पनीय नुकसान पहुंचाया है। मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि भारत का पानी अब केवल भारत और उसके किसानों के लिए है।
अपने संबोधन में उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया, जिसके तहत भारतीय सेना ने आतंकवादियों और उनके समर्थकों को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब किसी भी तरह के “न्यूक्लियर ब्लैकमेल” को सहन नहीं करेगा।
मोदी का यह बयान पाकिस्तान के लिए एक सीधा संदेश है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।

