काठमांडू/नई दिल्ली: पड़ोसी देश नेपाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ‘बालेन’ की नवगठित सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
“पुराने कुकर्मों का फल”: अरविंद केजरीवाल का प्रहार
नेपाल में हुई इन गिरफ्तारियों पर टिप्पणी करते हुए अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अपने पुराने कुकर्मों की वजह से गिरफ्तार हुए हैं।” केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे दक्षिण एशिया की नजरें नेपाल के इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। उनके इस बयान को भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों हुई गिरफ्तारी? क्या है ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) आंदोलन?
नेपाल पुलिस ने यह कार्रवाई 28 मार्च की सुबह तड़के की। केपी ओली को भक्तपुर के गुंडू इलाके से और रमेश लेखक को उनके आवास से हिरासत में लिया गया। इन दोनों नेताओं पर पिछले साल सितंबर में हुए ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) आंदोलन को हिंसक तरीके से दबाने का गंभीर आरोप है।
- खूनी संघर्ष: इस आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में 76 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश युवा थे।
- जांच रिपोर्ट: उच्चस्तरीय जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ओली और लेखक को इस हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की थी।
बालेन शाह सरकार का ‘न्याय’ कार्ड
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की अध्यक्षता में 27 मार्च को हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही जांच रिपोर्ट को लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया। नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक बदले की भावना से नहीं, बल्कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए की गई है। उन्होंने कहा, “कानून से ऊपर कोई नहीं है, यह न्याय की शुरुआत है।”
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