दिल्ली में आजकल हर जगह इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की चर्चा है। कोई स्कूटर खरीद रहा है, कोई ई-रिक्शा, तो कोई कार तक ले आया है। वजह साफ है – बढ़ते पेट्रोल-डीज़ल के दाम और प्रदूषण से बचने की चाह। लेकिन EV खरीदारों के सामने एक सिरदर्द महीनों से खड़ा था – सब्सिडी का पैसा अटक जाना।
कई लोगों ने तो सोशल मीडिया पर लिखा कि “सरकार ने कहा था सब्सिडी मिलेगी, लेकिन महीनों हो गए एक पैसा नहीं आया।” किसी ने लिखा, “अगर सब्सिडी मिलनी ही नहीं है, तो EV खरीदने का फायदा क्या?”
लेकिन अब सरकार ने खुद आगे आकर भरोसा दिलाया है – सब्सिडी मिलेगी, और समय पर मिलेगी।
इंतज़ार में थक चुके थे खरीदार
2020 में जब दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी लॉन्च की थी, तो सबको लगा कि अब सफर आसान होगा। वादा किया गया था:
- इलेक्ट्रिक स्कूटर पर 5,000 रुपये प्रति kWh सब्सिडी
- ई-रिक्शा और ई-ऑटो पर 30,000 रुपये तक की राहत
- इलेक्ट्रिक कार पर शुरुआती खरीदारों को बड़ी छूट
लेकिन असल में हुआ उल्टा। बहुत से लोगों ने गाड़ी तो खरीद ली, EMI भी चुकानी शुरू कर दी, मगर सब्सिडी का पैसा अटक गया। महीनों तक खाते में कुछ नहीं आया।
अदालत ने दिखाई सख्ती
जब शिकायतें बढ़ीं, तो मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने साफ कहा – “अगर जनता से वादा किया है तो निभाइए। सब्सिडी के पैसे रोकना ठीक नहीं है।”
बस, इसके बाद सरकार हरकत में आई। परिवहन मंत्री ने ऐलान किया कि लंबित सब्सिडी जल्द निपटाई जाएगी और आगे से खरीदारों को इस तरह परेशान नहीं होना पड़ेगा।
लोगों की जुबानी
इस फैसले के बाद EV मालिकों के चेहरे पर फिर मुस्कान लौट आई है।
रोहिणी में रहने वाले राकेश ने कहा:
“मैंने 7 महीने पहले स्कूटर लिया था। सब्सिडी के पैसे का इंतज़ार करते-करते थक गया था। अब लग रहा है कि भरोसा टूटेगा नहीं।”
वहीं एक महिला ई-ऑटो ड्राइवर ने बताया:
“हमने घर चलाने के लिए कर्ज़ लेकर गाड़ी ली। अगर सब्सिडी मिल जाएगी तो बोझ हल्का हो जाएगा।”
EV कंपनियों ने भी ली राहत की सांस
डीलरों का कहना है कि सब्सिडी अटकने से बिक्री पर बुरा असर पड़ा था। कई ग्राहक बुकिंग कैंसल कर देते थे।
साउथ दिल्ली के एक EV डीलर ने कहा:
“लोग पूछते थे कि सब्सिडी मिलेगी या नहीं? अब सरकार का ऐलान ग्राहकों का भरोसा वापस लाएगा।”
दिल्ली की हवा के लिए भी राहत
दिल्ली हर साल प्रदूषण से जूझती है। सरकार का मानना है कि अगर ज्यादा लोग EV अपनाएंगे, तो धुएं का स्तर घटेगा और राजधानी की हवा कुछ साफ होगी।
विशेषज्ञों का भी कहना है कि EV को बढ़ावा देना सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी ज़रूरी है।
आगे की तैयारी
दिल्ली सरकार का टारगेट है कि 2030 तक नई बिकने वाली गाड़ियों में से 80% इलेक्ट्रिक हों। इसके लिए:
- 4,000 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन पहले से मौजूद हैं, जल्द इन्हें दोगुना किया जाएगा।
- पार्किंग में छूट और आसान लोन जैसी योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार का यह ऐलान सिर्फ एक आदेश नहीं, बल्कि हजारों EV खरीदारों के लिए राहत की खबर है। अदालत की सख्ती और सरकार के वादे ने भरोसा फिर से जगा दिया है।

