नई दिल्ली | विशेष संवाददाता
दिल्ली में रविवार की शाम सड़क पर एक परिवार के तीन लोगों के शव मिलने की घटना और भी पेचीदा हो रही है। पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास जिस हालत में कार के भीतर बापरोला निवासी रणधीर (76), शिव नरेश (47) और लक्ष्मी देवी (40) के शव मिले, उसने कानून के रखवालों के सामने सवालों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि गाड़ी में ऐसे कोई संकेत और सबूत नहीं मिले जिससे यह लगे कि कोई हत्या हुई है? न कोई संघर्ष के निशान, न कोई बाहरी चोट।तो फिर क्या यह सुसाइड है?यदि इसे आत्महत्या मान लिया जाए, तो भी गुत्थी सुलझती नहीं दिखती। यदि ऐसा है तो इसकी वजह क्या है? क्या कोई परिवार दिन-दहाड़े, व्यस्त फ्लाईओवर पर सरेराह मौत को गले लगाएगा? वह भी तब, जब मृतकों के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।साजिश है तो आखिर किसकी?दिल्ली दर्पण टीवी की टीम जब बापरौला स्थित मृतक के घर पहुँची, तो वहां का मंजर पुलिसिया थ्योरी से बिल्कुल अलग था। मृतक रणधीर की बेटी सविता, भाई सरवर और भतीजे हरीश ने साफ तौर पर कहा कि परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह समृद्ध था। रणधीर जी का स्वभाव बेहद खुशमिजाज था और घर में किसी भी तरह का तनाव या कलह नहीं थी। परिजनों का सीधा सवाल है कि जो व्यक्ति सुबह हंसते-खेलते घर से निकला, वह कुछ घंटों बाद लाश बनकर कैसे मिला? यदि यह हत्या की साजिश है, तो फिर यह साजिश है किसकी? और इसके पीछे क्या वजह हो सकती है ?
पुलिस की जांच के तीन मुख्य बिंदु:
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कार में किसी जहरीली गैस या ‘साइलेंट किलर’ पदार्थ के इस्तेमाल की संभावनाओं की जांच की जा रही है।CCTV फुटेज: पीरागढ़ी फ्लाईओवर और बापरौला से निकलने वाले रास्तों के कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि पता चल सके कि कार में कोई चौथा व्यक्ति तो मौजूद नहीं था।कॉल डिटेल्स: मृतकों के मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उनकी अंतिम बातचीत और लोकेशन की जांच की जा रही है।

डीसीपी ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल, पूरा बापरौला इलाका सदमे में है और परिवार की निगाहें दिल्ली पुलिस के न्याय पर टिकी हैं। क्या यह एक सोची-समझी ‘परफेक्ट मर्डर’ की साजिश थी या कोई ऐसा सच जो कार के बंद दरवाजों के साथ ही दफन हो गया ?
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