नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण अब एक स्थायी संकट का रूप ले चुका है। हर साल जहरीली होती हवा लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। बढ़ता AQI, सांस की बीमारियां और अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या इस खतरे की गंभीरता को साफ दिखाती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए इंडिया टीवी के कॉन्क्लेव #PollutionKaSolution में विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच अहम चर्चा हुई।
इस कॉन्क्लेव में एमसीडी मेयर राजा इकबाल सिंह, एमसीडी स्टैंडिंग कमिटी के डिप्टी चेयरमैन सुंदर सिंह तंवर और डस्ट पॉल्यूशन एक्सपर्ट कृतिका चौधरी ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अपनी रणनीति, वार रूम प्लानिंग और भविष्य के विजन को साझा किया।
“बीमारी का इलाज चल रहा है” – मेयर राजा इकबाल सिंह
एमसीडी मेयर राजा इकबाल सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार इस समस्या पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा,
“बीमारी बनने में समय लगता है और उसके इलाज में भी वक्त लगता है। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं और आने वाले छह महीनों में असर दिखने लगेगा।”
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में दिल्लीवासियों को साफ हवा और स्वच्छ सड़कें मिलेंगी।
सफाई अभियान में बड़ी बढ़ोतरी
मेयर ने बताया कि पहले निगम के पास केवल 52 मेकेनिकल स्वीपर्स थे, जिन्हें बढ़ाकर 70 कर दिया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार और पीडब्लूडी से मिलाकर कुल 210 मेकेनिकल स्वीपर्स जल्द सड़कों पर उतरेंगे।
रात के समय सफाई अभियान चलाया जाएगा ताकि सुबह लोगों को साफ सड़कें मिल सकें। हाई डस्ट जोन को प्राथमिकता के आधार पर साफ किया जाएगा।
डस्ट पॉल्यूशन के दो बड़े स्रोत
डस्ट पॉल्यूशन एक्सपर्ट कृतिका चौधरी ने बताया कि धूल प्रदूषण के दो मुख्य कारण हैं –
पहला, ट्रांस-बाउंड्री डस्ट जो रेगिस्तानी इलाकों, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आता है, जिसे कंट्रोल करना मुश्किल होता है।
दूसरा, शहर में पैदा होने वाली धूल – टूटी सड़कें, गड्ढे, कंस्ट्रक्शन साइट्स और मलबा। उन्होंने कहा कि इन पर सख्ती से कार्रवाई कर डस्ट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
इस पर मेयर ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली निर्माण साइट्स को बंद किया जाता है और उन पर जुर्माना भी लगाया जाता है।
मलबा डंपिंग पर जागरूकता अभियान
कृतिका चौधरी ने कहा कि लोग अक्सर मलबा गलत जगहों पर फेंक देते हैं क्योंकि उन्हें सही डंपिंग प्वाइंट की जानकारी नहीं होती। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था दिल्ली सरकार के साथ मिलकर लोगों को C&D वेस्ट मैनेजमेंट और रीसाइक्लिंग को लेकर जागरूक कर रही है।
मेयर ने बताया कि दिल्ली के 250 वॉर्ड्स में C&D वेस्ट डंपिंग प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां मलबा डाला जाना चाहिए। इस दिशा में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
चालान और कार्रवाई तेज
डिप्टी चेयरमैन सुंदर सिंह तंवर ने बताया कि अब तक 115 चालान काटकर 67,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा अन्य मामलों में 2,000 से ज्यादा चालान काटकर करीब 1.5 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया गया है।
उन्होंने बताया कि
- 1,000 छोटी बैटरी मशीनें तंग गलियों की सफाई करेंगी
- पहले केवल मुख्य सड़कों पर सफाई होती थी, अब गलियों तक सफाई पहुंचेगी
- कई इलाकों में कूड़े के पहाड़ काफी हद तक खत्म किए जा चुके हैं
सरकार का एक्शन प्लान
कॉन्क्लेव में सरकार के बड़े फैसलों की जानकारी भी साझा की गई:
- 210 मेकेनिकल स्वीपर्स से सड़क सफाई
- 1,000 बैटरी मशीनों से गलियों की सफाई
- 11 सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी का गठन, IIT विशेषज्ञ शामिल
- दिल्ली में 3,350 इलेक्ट्रिक बसों का ऑर्डर
- 62 हॉटस्पॉट्स पर स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट
- प्रदूषण फैलाने वाली 88 फैक्ट्रियों को नोटिस
जल्द दिखेगा असर
अधिकारियों ने भरोसा जताया कि इन सभी प्रयासों का असर जल्द नजर आएगा और दिल्ली के AQI में सुधार होगा। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी को प्रदूषण से राहत दिलाकर लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
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