इंडिगो संकट के बीच पीएम मोदी का संदेश: “कानून जनता की सुविधा के लिए हों, बोझ नहीं”
नई दिल्ली:
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को हुई एनडीए सांसदों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून और प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। बैठक की जानकारी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साझा की। रिजिजू के अनुसार, पीएम मोदी ने साफ कहा कि देश में नियम और कानून जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए हैं, न कि उन्हें परेशान करने के लिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि “हमें नियमों और कानूनों को इस तरह बेहतर बनाना होगा कि सुशासन मजबूत हो और आम लोगों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।”

इंडिगो संकट के बीच दिया गया संदेश
इंडिगो की उड़ानों में रद्दीकरण का सिलसिला 2 दिसंबर से शुरू हुआ था, जिसके कारण हजारों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि पायलटों के नए ड्यूटी नियम वापस लिए जाने के बाद उड़ानें तेजी से सामान्य होने लगी हैं। इसी पृष्ठभूमि में पीएम मोदी ने सांसदों को संदेश दिया कि किसी भी सुधार या नियम का मकसद जनता की असुविधा बढ़ाना नहीं होना चाहिए।
रिफॉर्म्स का मतलब सिर्फ अर्थव्यवस्था नहीं: पीएम मोदी
किरेंन रिजिजू ने बताया कि बैठक में पीएम ने सांसदों से कहा कि केंद्र, राज्यों और अपने-अपने क्षेत्रों में उन्हें किस तरह काम करना है, इसे विस्तार से समझाया गया।
पीएम मोदी ने कहा कि सुधारों का दायरा सिर्फ आर्थिक और वित्तीय मामलों तक सीमित नहीं है। असली लक्ष्य देश के नागरिकों के जीवन को सरल और बेहतर बनाना है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि कोई भी कानून ऐसा नहीं होना चाहिए, जो लोगों पर बोझ डाल दे या उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में रुकावट पैदा करे।
कानून जनता की सुविधा के लिए बनाए जाते हैं, न कि उनकी मुश्किलें बढ़ाने के लिए।
तीसरे कार्यकाल में तेज़ गति से काम का इरादा
प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से स्पष्ट कहा कि उनके तीसरे कार्यकाल में विकास की रफ्तार को और बढ़ाया जाएगा। उन्होंने सांसदों को विकास योजनाओं, सुशासन और लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।
यह भी पढ़ें: https://delhidarpantv.com/first-family-trap-become-painful-after-the-nightclub-in-fire-border-4-feet/

