नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब आम आदमी का सड़क पर चलना भी दूभर हो गया है। दिल्ली के मधु विहार इलाके में दो दिन पहले हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरी दिल्ली को दहला दिया है। यहाँ ताबड़तोड़ चाकूबाजी की घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अपना फर्ज निभा रहे एक फूड डिलीवरी बॉय को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और भाजपा शासित केंद्र सरकार के दावों की पोल खोल दी है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, मधु विहार इलाके में बदमाशों ने सरेराह खूनी खेल खेला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने रास्ते में आने वाले लोगों पर अंधाधुंध चाकुओं से हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान एक फूड डिलीवरी बॉय, जो ऑर्डर पहुंचाने जा रहा था, बदमाशों का शिकार बन गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
कानून-व्यवस्था की उड़ीं धज्जियां
राजधानी में आए दिन हो रही हत्या, लूट और चाकूबाजी की घटनाओं ने दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस की गश्त (Patrolling) न के बराबर है, जिसके कारण अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। मधु विहार की इस घटना ने साबित कर दिया है कि दिल्ली में अब ‘वर्किंग क्लास’ और मेहनतकश लोग भी सुरक्षित नहीं हैं।
विपक्ष का तीखा हमला: “कहाँ सो रही है भाजपा सरकार?”
इस हत्याकांड के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए पूछा है कि दिल्ली की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, लेकिन एलजी और गृह मंत्रालय मौन क्यों हैं? ‘आप’ नेताओं का कहना है कि जब दिल्ली की पुलिस सीधे केंद्र के अधीन है, तो इन मौतों की जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और हत्यारों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जाए।

