दिल्ली दर्पण ब्यूरो: सोमवार शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार धमाके (BLAST) में दर्जनों लोग घायल हुए और कई की मौत हुई। इस घटना के बाद सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

हाई-लेवल जाँच
अमित शाह ने घटना के तुरंत बाद सुरक्षा अधिकारियों के साथ देश की राजधानी में हाई-लेवल जाँच बैठक बुलाई। इसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), राष्ट्रीय सुरक्षा गर्भ (NSG), फोरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस शामिल हुईं।
आतंकवाद विरोधी कानून का प्रयोग
घंटों के भीतर दिल्ली पुलिस ने इस मामले को Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) और Explosives Act की धाराओं के तहत दर्ज किया। इससे यह साफ़ है कि सरकार इसे सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि संभावित साजिश मान रही है।
सुरक्षात्मक कदम पूरे देश में

घटना के बाद दिल्ली सहित आसपास के राज्यों में हाई-अलर्ट जारी किया गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मेट्रो एवं सार्वजनिक-स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
सार्वजनिक आश्वासन और जिम्मेदारी
नरेंद्र मोदी ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।
आगे की रणनीति

फोरेंसिक रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है ताकि धमाके के कारण और अपराधियों की पहचान हो सके। सीसीटीवी, टोल-प्लाज़ा डेटा, वाहन मालिकाना व प्रवासन-रूट की जाँच जारी है। इसके आलावा राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी संवेदनशील स्थलों पर तुरंत निगरानी कड़ी करें और आम नागरिकों को सूचना-सक्रिय रखें।

