दिल्ली में कानून-व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। राजधानी में लूट की तीन अलग-अलग वारदातें सामने आई हैं, जो न सिर्फ चौंकाने वाली हैं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े करती हैं। हालांकि, इनमें से एक मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
पहला मामला – रोहिणी, सरस्वती विहार बस स्टैंड
पहली वारदात रोहिणी के सरस्वती विहार बस स्टैंड की है। यहां एक व्यक्ति बस का इंतजार कर रहा था, तभी स्कूटी पर सवार तीन बदमाश मौके पर पहुंचे। एक ने पीछे से फोन छीना, जबकि दूसरा पहले से घात लगाए खड़ा था। फोन छीनने के बाद एक बदमाश ने पीड़ित का गला पकड़ लिया और तीसरे ने लूटपाट में साथ दिया। पुलिस ने इस मामले में सभी तीन आरोपियों को पकड़ लिया है।
दूसरा मामला – जहांगीरपुरी, ‘मिर्ची गैंग’ का आतंक
दूसरी वारदात जहांगीरपुरी की है, जहां बदनाम ‘मिर्ची गैंग’ ने हमला किया। मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे चार से पांच बदमाश स्कूटी और बाइक पर सवार होकर आए और एक दुकानदार की आंखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया। दुकानदार के असहाय होते ही बदमाशों ने लूटपाट की और मौके से फरार हो गए।
तीसरा मामला – शकूरपुर, महिला से गला घोंटकर लूट
तीसरी घटना शकूरपुर की है, जहां ‘गला घोंटू गैंग’ ने एक महिला को निशाना बनाया। 7 अगस्त को हुई इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें एक लड़का पीछे से दौड़कर आता है और महिला का गला दोनों हाथों से दबा देता है। महिला बेहोश होकर गिर जाती है, तभी बदमाश उसके गहने उतार लेता है। बाद में स्कूटी पर आए दो अन्य साथी के साथ वह फरार हो जाता है।
इन तीनों घटनाओं ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में अपराधी अब बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, और सवाल यह है कि क्या राजधानी की सड़कों पर आम लोगों की सुरक्षा सिर्फ कागज़ों में ही रह गई है?

