दिल्ली दर्पण ब्यूरो
मुकेश राणा
विशेष कार्य बल (STF), हरियाणा ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान उर्फ साहिल राणा को थाईलैंड से सफलतापूर्वक डिपोर्ट कर भारत वापस लाया है। 10 अप्रैल 2026 को कड़ी सुरक्षा के बीच उसे दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया, जहाँ से हरियाणा पुलिस उसे आगे की पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। साहिल चौहान, जो मूल रूप से अंबाला के शहजादपुर का निवासी है, विदेश में बैठकर भारत में रंगदारी, हत्या और डकैती जैसे जघन्य अपराधों को ऑपरेट कर रहा था। वह भूपी राणा और बंबीहा गैंग का मुख्य सदस्य होने के साथ-साथ कौशल चौधरी गैंग का भी बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि साहिल चौहान ने कानून की आँखों में धूल झोंकने के लिए कर्नाटक के बेंगलुरु से धोखाधड़ी कर एक फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। इस फर्जी पासपोर्ट के सहारे वह नवंबर 2024 में कोलकाता से ढाका भाग गया और उसके बाद जकार्ता, मलेशिया, वियतनाम जैसे देशों से होते हुए अंततः थाईलैंड पहुँचा। एसटीएफ हरियाणा ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था, जिसके परिणामस्वरूप उसे थाईलैंड में गिरफ्तार कर उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया।
साहिल चौहान का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है; उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के कुल 16 संगीन मामले दर्ज हैं। यमुनानगर के एक मामले में उसे पहले ही 10 साल के कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। वर्ष 2026 में एसटीएफ हरियाणा द्वारा की गई यह पांचवीं सफल डिपोर्टेशन है, इससे पहले अंकित शौकीन और अमन भैंसवाल जैसे खतरनाक अपराधियों को भी वापस लाया जा चुका है। पुलिस को उम्मीद है कि साहिल से पूछताछ के बाद विदेश से संचालित हो रहे अन्य गैंगस्टर नेटवर्क और कई अनसुलझी वारदातों के बड़े खुलासे होंगे।

