गुरुग्राम में दुष्कर्म के झूठे केस की धमकी देकर 90 लाख ऐंठने वाली युवती गिरफ्तार
डेटिंग ऐप पर दोस्ती के बाद साथी को ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठने की आरोपी युवती को गुरुग्राम पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा।
गुरुग्राम पुलिस ने अपने पुरुष मित्र को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर करीब 90 लाख रुपये ऐंठने के आरोप में एक युवती को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवती को सेक्टर-47 स्थित एक कैफे से पीड़ित से 50 हजार रुपये की नकदी लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
एसीपी क्राइम नवीन शर्मा के अनुसार, आरोपी युवती की पहचान 24 वर्षीय सूर्यदीता दास के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और गुरुग्राम के सुशांत लोक में रह रही थी। उसने स्थानीय विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। वहीं, शिकायतकर्ता अंकित सेक्टर-47 का निवासी है और वह भी एक कंपनी में कार्यरत है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब तीन साल पहले दोनों की मुलाकात 'सीकिंग' नामक डेटिंग ऐप पर हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती गहरी हो गई और वे मिलने-जुलने लगे। इस दौरान दोनों कई बार बाहर भी घूमने गए और उनके बीच शारीरिक संबंध भी बने।
अधिकारियों ने बताया कि करीब तीन साल तक संबंध सामान्य रहने के बाद युवती का व्यवहार बदल गया और उसने युवक को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। युवती ने धमकी दी कि यदि उसकी पैसों की मांग पूरी नहीं की गई तो वह पुलिस में दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज करवा देगी। बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से पीड़ित युवक उसे लगातार पैसे देता रहा और इस तरह युवती ने उससे करीब 90 लाख रुपये वसूल लिए।
युवती की ओर से लगातार पैसों की मांग जारी रहने पर पीड़ित ने परेशान होकर पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर क्राइम ब्रांच ने रणनीति बनाई और युवक ने पैसे देने के बहाने युवती को सेक्टर-47 के एक कैफे में बुलाया। जैसे ही युवती ने 50 हजार रुपये की रकम ली, वहां सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने जब आरोपी युवती के बैंक खाते की जांच की, तो उसमें 95 लाख रुपये जमा मिले, जिसके बाद खाते को सीज कर दिया गया है। युवती के खिलाफ रंगदारी, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खाते में मिली रकम इसी पीड़ित से ली गई थी या किसी अन्य व्यक्ति को भी ब्लैकमेल किया गया था।
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