दिल्ली में वकीलों की हड़ताल खत्म : पुलिस अधिकारियों के तबादले के बाद बार एसोसिएशनों ने न्यायिक कार्य बहाल करने का किया ऐलान
- पुलिस अधिकारियों के तबादले के बाद बनी सहमति, दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वकीलों ने समाप्त किया न्यायिक कार्य बहिष्कार। - शाहदरा मामलों की जांच तय समयसीमा में पूरी करने का आश्वासन, FIR 248/2026 और FIR 252/2026 पर भी बनी सहमति।

-राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण ब्यूरो
ई दिल्ली, 28 अक्टूबर। दिल्ली की सभी जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति (Coordination Committee) ने चल रही अनिश्चितकालीन न्यायिक कार्य बहिष्कार (Indefinite Abstention from Judicial Work) को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा कर दी है। समिति ने कहा कि दिल्ली पुलिस, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली और विभिन्न बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के बीच 28 अक्टूबर को हुई बैठक में बनी सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया है।
समिति द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, बैठक के बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने दो पुलिस अधिकारियों के तत्काल तबादले के आदेश जारी किए। इनमें एसीपी मानसवी वशिष्ठ का गांधी नगर (शाहदरा) से एसपीयूडब्ल्यूएसी (SPUWAC) तथा शाहदरा थाना प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर अरुण कुमार का सिक्योरिटी यूनिट में तबादला शामिल है। इसके बाद समन्वय समिति ने हड़ताल समाप्त कर सभी अधिवक्ताओं से तत्काल न्यायिक कार्य शुरू करने की अपील की।
समिति ने अपने प्रस्ताव में यह भी कहा है कि शाहदरा बार एसोसिएशन द्वारा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दी गई शिकायतों की जांच दो महीने के भीतर पूरी की जाएगी। इसके अलावा FIR संख्या 248/2026, थाना शाहदरा में नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और आवश्यकता पड़ने पर गैर-जमानती वारंट (NBW) तथा लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की कानूनी प्रक्रिया अपनाने पर भी सहमति बनी है।
सर्कुलर में यह भी उल्लेख किया गया है कि FIR संख्या 252/2026, थाना शाहदरा, जो अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज है, उसकी जांच एक सप्ताह के भीतर पूरी करने का आश्वासन दिया गया है।
समन्वय समिति चेयरमैन नीरज की और से जारी पत्र में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, विभिन्न बार एसोसिएशनों, न्यायिक अधिकारियों और सभी अधिवक्ताओं का सहयोग एवं समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है। साथ ही कहा है कि तय समयसीमा के भीतर सभी सहमत बिंदुओं के पालन पर निगरानी रखी जाएगी और सभी अधिवक्ता तत्काल प्रभाव से न्यायिक कार्य पुनः शुरू करें।
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