– दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली: राजधानी का जंतर-मंतर आज उस वक्त सिसक उठा जब गोवा के ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ अग्निकांड में मारे गए 25 लोगों के परिजन न्याय की गुहार लेकर सड़कों पर उतरे। 6-7 दिसंबर की उस काली रात को हुई इस “मानव निर्मित त्रासदी” ने न केवल 20 कर्मचारियों और 5 पर्यटकों की जान ली, बल्कि सरकारी तंत्र के उस भ्रष्टाचार को भी नंगा कर दिया जो चंद पैसों के लिए सुरक्षा मानकों को ताक पर रख देता है। प्रदर्शनकारियों ने सीधा आरोप लगाया कि यह हादसा नहीं बल्कि “व्यापारिक लालच” द्वारा की गई सामूहिक हत्या है, जहाँ प्रशासन की नाक के नीचे बिना किसी वैध फायर एनओसी या सुरक्षा अनुमति के मौत का यह जाल बुना जा रहा था। अपनों की तस्वीरें सीने से लगाए पीड़ितों ने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों को उनके अंजाम तक नहीं पहुँचाया जाता, यह आंदोलन थमेगा नहीं।

इस पूरे मामले में व्यवस्था की मिलीभगत तब और स्पष्ट हो गई जब पीड़ितों के वकील अधिवक्ता विष्णु जोशी ने सनसनीखेज खुलासा किया कि क्लब का आबकारी लाइसेंस तक एक फर्जी स्वास्थ्य एनओसी के आधार पर हासिल किया गया था। जांच में यह कड़वा सच सामने आया है कि क्लब के पास न तो कोई वैध ट्रेड लाइसेंस था और न ही अग्निशमन विभाग की अनुमति, फिर भी यह धड़ल्ले से चल रहा था। अधिवक्ता जोशी के अनुसार, धोखाधड़ी और जालसाजी के लिए अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है और अब कानूनी टीम इस मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रही है ताकि समयबद्ध न्याय सुनिश्चित हो सके। फिलहाल लूथरा भाइयों की अग्रिम जमानत का कड़ा विरोध किया जा रहा है और अजय गुप्ता की रिमांड के बाद अब सबकी नजरें कोर्ट के अगले रुख पर टिकी हैं।
शोक संतप्त परिवारों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है और उनकी मांगें स्पष्ट हैं: दोषियों को किसी भी कीमत पर जमानत न मिले और इस पूरे खेल में शामिल “ब्लड मनी” की जांच सीबीआई (CBI) व ईडी (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए। भावना जोशी जैसी पीड़ितों, जिन्होंने अपना पूरा संसार इस आग में खो दिया, ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई अब केवल उनके परिवारों की नहीं बल्कि हर उस भारतीय की है जो किसी रेस्तरां या क्लब में कदम रखता है。 प्रदर्शनकारियों ने इस मामले को ‘रैरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में रखकर क्लब मालिकों के लिए मृत्युदंड और अनाथ हुए बच्चों के भविष्य के लिए तत्काल मुआवजे की मांग की है। कैंडललाइट विजिल के साथ समाप्त हुए इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि अब व्यवस्था की लापरवाही को और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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