Tuesday, March 3, 2026
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मैक्स हॉस्पिटल के बाहर पार्किंग का खेल: एम्बुलेंस के लिए आफत, ठेकेदार की मौजपुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, कई गाड़ियां जब्त; दिल्ली दर्पण टीवी की ग्राउंड रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

नई दिल्ली, शालीमार बाग: राजधानी के शालीमार बाग स्थित मैक्स हॉस्पिटल के बाहर इन दिनों पार्किंग को लेकर विवाद गहरा गया है। एक तरफ जहां सरकार क्षेत्र में विकास के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल के गेट के ठीक सामने चल रही पार्किंग मरीजों और एम्बुलेंस के लिए जी का जंजाल बन गई है। दिल्ली दर्पण टीवी की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर सड़क के दोनों तरफ भारी-भरकम पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है बल्कि आपातकालीन सेवाओं पर भी संकट मंडरा रहा है।

एम्बुलेंस चालकों को दी जा रही धमकी ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान पाया गया कि अस्पताल के गेट पर सालों से खड़ी होने वाली निजी एम्बुलेंस को पार्किंग ठेकेदार के करिंदे वहां से जबरन हटा रहे हैं। एम्बुलेंस चालकों का आरोप है कि उन्हें वहां खड़े होने पर परेशान किया जाता है ताकि उस जगह का इस्तेमाल पार्किंग शुल्क वसूलने के लिए किया जा सके। चालकों का कहना है कि एम्बुलेंस को अस्पताल से दूर खड़ा करने के कारण गंभीर मरीजों को लाने-ले जाने में कीमती समय बर्बाद हो रहा है।

पुलिस का बड़ा एक्शन मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर बड़ी कार्रवाई की है। हालांकि ठेकेदार का दावा है कि उसने 5 महीने पहले ही एमसीडी से टेंडर लिया है और पीली लाइन के अंदर ही गाड़ियां खड़ी करवाई जा रही हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही दिखी। पीली लाइन के बाहर सड़क घेरकर खड़ी की गई कई गाड़ियों को पुलिस ने क्रेन की मदद से जब्त किया और चालान काटे। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद वहां जाम की स्थिति बनी रही।

जनता का सवाल: अस्पताल की पार्किंग होने के बाद सड़क पर वसूली क्यों? स्थानीय निवासियों और मरीजों के परिजनों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जब मैक्स हॉस्पिटल के पास अपनी निजी पार्किंग की बड़ी व्यवस्था मौजूद है, तो अस्पताल के ठीक बाहर मुख्य सड़क पर महंगी पार्किंग का ठेका क्यों दिया गया? क्या प्रशासन की कमाई किसी मरीज की जान से ज्यादा कीमती है?

इस ग्राउंड रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि शालीमार बाग में विकास के दावों के बीच ‘पार्किंग सिंडिकेट’ आम जनता और मरीजों के अधिकारों का हनन कर रहा है। अब देखना यह है कि क्या एमसीडी इस विवादित पार्किंग स्थल को हटाती है या मरीजों की जान इसी तरह जोखिम में बनी रहेगी।

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