नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। संजय सिंह ने इस घटना को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे ‘सरकारी हत्या’ करार दिया है और दिल्ली सरकार के एक मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
एक ही चिता पर मां-बेटी: रूह कंपा देने वाला मंजर
संजय सिंह ने बताया कि इस अग्निकांड में एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “शव 9 थे, लेकिन चिताएं 8 जलीं, क्योंकि आग की लपटों में एक मां और उसकी मासूम बेटी के मृत शरीर इस कदर चिपक गए थे कि उन्हें अलग करना भी मुमकिन नहीं था।“ यह मंजर देख श्मशान घाट पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं।
दमकल विभाग की लापरवाही पर उठाए सवाल
सांसद संजय सिंह ने राहत कार्य में लगी दमकल विभाग की टीम पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों की सीढ़ियां तक नहीं खुल रही थीं। सिंह ने कहा, “आसपास के लोग मदद करना चाहते थे, वे अपनी जान जोखिम में डालकर परिवार को बचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें मदद करने से रोक दिया गया। दमकल की नाकामी ने हंसते-खेलते परिवार को राख में बदल दिया।”
“पीड़ित परिवार को दोषी बताना शर्मनाक, मंत्री दें इस्तीफा”
संजय सिंह ने दिल्ली सरकार के उस मंत्री पर भी तीखा हमला बोला जिन्होंने कथित तौर पर पीड़ित परिवार को ही इस आग का जिम्मेदार ठहराया था। सिंह ने कहा, “एक तरफ पूरा परिवार खत्म हो गया और दूसरी तरफ सरकार के मंत्री उन्हें ही दोषी बता रहे हैं। यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। मेरी मांग है कि उस मंत्री के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो और उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए।”
न्यायिक जांच और दोषियों को सजा की मांग
आम आदमी पार्टी के सांसद ने केंद्र और दिल्ली प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दमकल विभाग की चूक और मंत्री के बयान की जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

