Sunday, February 15, 2026
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रोहिणी में गोलियों की गूंज: गैंगस्टर लल्लू पुलिस के हत्थे चढ़ा, दो साथी अंधेरे में गायब

बुधवार की देर रात रोहिणी की शांत गलियां अचानक गोलियों की तेज़ आवाज़ से गूंज उठीं। घड़ी रात के करीब साढ़े ग्यारह बजा रही थी, जब लोग अपने-अपने घरों में चैन की नींद लेने की तैयारी कर रहे थे। तभी एक के बाद एक गोलियां चलने की आवाज़ आई और पूरा माहौल थर्रा उठा।

मोहल्ले के लोग घबराकर खिड़कियों और दरवाज़ों से झांकने लगे। बच्चों की रोने की आवाज़ें सुनाई देने लगीं, बुज़ुर्ग लोगों ने जल्दी-जल्दी दरवाज़े बंद कर दिए और कुछ ने तो घर की लाइटें भी बुझा दीं। हर तरफ अफरा-तफरी का आलम था।

किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि ठीक उनके बीचों-बीच पुलिस और हथियारबंद बदमाश आमने-सामने खड़े हैं। लोग बस दूर से देख पा रहे थे कि गलियों में पुलिस की गाड़ियां और बाइकें दौड़ रही हैं, और बीच-बीच में गोलियों की गूंज पूरे इलाके को दहला रही है।

कैसे भड़की मुठभेड़?

दरअसल, पुलिस को खबर मिली थी कि कुख्यात गैंगस्टर लल्लू अपने साथियों के साथ इलाके में घूम रहा है और किसी बड़ी वारदात की तैयारी में है। जैसे ही पुलिस ने उन्हें घेरने की कोशिश की, लल्लू और उसके गुर्गे तेज़ रफ्तार बाइक से भागने लगे। पुलिस ने रास्ता रोका तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी।

उस वक्त का मंजर किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था—एक तरफ पुलिस, दूसरी तरफ हथियारबंद बदमाश। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं और लल्लू घायल होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस वालों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे दबोच लिया। लेकिन उसके दो साथी अंधेरे और गलियों का फायदा उठाकर फरार हो गए।

कौन है ये लल्लू?


लल्लू का नाम रोहिणी और आसपास के इलाकों में खौफ का दूसरा नाम माना जाता था। हत्या, लूट, रंगदारी और धमकाने जैसे कई मामलों में उसका हाथ रहा है। दुकानदारों और छोटे कारोबारियों से वसूली करना उसका पुराना तरीका था।

इलाके के एक बुज़ुर्ग दुकानदार ने कहा,
“लल्लू का नाम सुनते ही लोग सहम जाते थे। कई लोग उसकी वजह से मजबूरी में पैसा देते थे। उसकी गिरफ्तारी हमारे लिए राहत की बात है।”

लोग कैसे दहशत में आए?

गोलियों की आवाज़ सुनकर पूरा मोहल्ला सहम गया। लोग घरों के दरवाज़े बंद करने लगे, बच्चे रोने लगे और कई परिवारों ने लाइट्स बुझा दीं ताकि बाहर से कोई ध्यान न दे।

एक चश्मदीद ने बताया,
“मैंने जैसे ही गोलियों की आवाज़ सुनी, लगा पटाखे चल रहे हैं। लेकिन जब पुलिस और बदमाश आमने-सामने देखे तो रोंगटे खड़े हो गए। ऐसा मंजर मैंने पहली बार देखा।”

करीब आधे घंटे तक तनाव का माहौल रहा। हर कोई खिड़की से झांकते हुए यही सोच रहा था कि अगली गोली किसे लगेगी।

पुलिस का बयान

रोहिणी जिले के डीसीपी ने मीडिया को बताया:
“लल्लू लंबे समय से वांछित अपराधी था। गुप्त सूचना मिली थी कि वह वारदात की योजना बना रहा है। मौके पर हमारी टीम ने तुरंत कार्रवाई की। लल्लू पकड़ा गया है और बाकी दोनों फरार आरोपियों की पहचान हो चुकी है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने हथियार भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच जारी है।

सोशल मीडिया पर चर्चा

घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोगों ने पुलिस को हीरो बताया, तो कुछ ने सवाल उठाया कि आखिर इतने खतरनाक बदमाश दिल्ली की सड़कों पर बेखौफ घूम कैसे रहे थे।

एक स्थानीय युवक ने ट्वीट किया:
“गोलियों की आवाज़ से पूरी रात नींद नहीं आई। पुलिस ने काम अच्छा किया, लेकिन दो बदमाशों का भागना अभी भी डर पैदा करता है।”

आगे क्या?

लल्लू इस वक्त पुलिस हिरासत में है। उससे पूछताछ की जा रही है ताकि उसके नेटवर्क और बाकी गैंग के बारे में पता चल सके। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नतीजा

रोहिणी की इस मुठभेड़ ने लोगों को एक बार फिर यह याद दिला दिया कि अपराध कितना गहराई तक फैला हुआ है। लल्लू की गिरफ्तारी ने लोगों को राहत तो दी है, लेकिन जब तक उसके बाकी साथी सलाखों के पीछे नहीं पहुंचते, तब तक डर का साया पूरी तरह से नहीं हटेगा।

एक महिला निवासी ने राहत की सांस लेते हुए कहा:
“कम से कम अब बच्चों को मोहल्ले में खेलने देने का हौसला तो मिलेगा।”

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