नई दिल्ली/नोएडा: नोएडा में औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। वेतन संशोधन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों के उग्र रवैये को देखते हुए दिल्ली पुलिस को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है। नोएडा से दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
नोएडा में आगजनी और तोड़फोड़ से मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, नोएडा के फेज-2 और सेक्टर 60 इलाकों में स्थित विभिन्न फैक्ट्रियों के कर्मचारी बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए थे। अपनी लंबित मांगों को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ जगहों पर आगजनी व पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
दिल्ली की सीमाओं पर ‘लोहे की दीवार’
नोएडा की हिंसा का असर दिल्ली पर न पड़े, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश से जुड़ने वाले सभी बॉर्डर पॉइंट्स (Border Points) पर बैरिकेडिंग कर दी है।
- सघन तलाशी: यूपी से दिल्ली आने वाले हर वाहन की गहनता से जांच की जा रही है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व विरोध की आड़ में राजधानी में प्रवेश कर कानून-व्यवस्था न बिगाड़ सके।
- अतिरिक्त बल की तैनाती: प्रमुख चौकियों पर अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) और त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) को तैनात किया गया है।
- अधिकारियों का बयान: एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है। सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात है और किसी को भी शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
यातायात ठप, रेंगते नजर आए वाहन
सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स और चेकिंग अभियान के कारण दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाली सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हजारों यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे। दिल्ली पुलिस के अधिकारी लगातार उत्तर प्रदेश पुलिस के संपर्क में हैं और पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
क्यों भड़का गुस्सा?
श्रमिकों का आरोप है कि लंबे समय से उनके वेतन संशोधन की मांग को टाला जा रहा है। औद्योगिक इकाइयों की बेरुखी से नाराज होकर मजदूरों ने चक्का जाम और प्रदर्शन का रास्ता चुना, जो बाद में हिंसा में तब्दील हो गया।

