दिल्लीवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजधानी की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) आज जनता को समर्पित होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसके शुरू होने के साथ ही दिल्ली और एनसीआर के लोगों को घंटों जाम में फंसने से राहत मिलेगी और सफर काफी आसान व तेज हो जाएगा।
क्या है UER-2?
UER-2 दिल्ली का नया रिंग रोड कॉरिडोर है, जो बाहरी इलाकों को आपस में जोड़ते हुए यातायात का दबाव कम करेगा। इसे दिल्ली का तीसरा रिंग रोड भी कहा जा रहा है। लगभग 75 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया गया है।
यह सड़क पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (KMP), द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे बड़े हाइवे से सीधे जुड़ेगी। इससे भारी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और राजधानी के अंदरूनी हिस्सों में जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
समय और ईंधन की होगी बड़ी बचत
अभी तक दिल्ली के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों से पूर्वी इलाकों तक पहुंचने में लगभग दो घंटे लगते थे। लेकिन UER-2 के शुरू होने के बाद यही सफर केवल 40 मिनट में पूरा होगा।
- हर दिन हजारों गाड़ियों को जाम से छुटकारा मिलेगा।
- ईंधन की बड़ी बचत होगी, जिससे प्रदूषण भी कम होगा।
- दिल्ली से होकर गुजरने वाला भारी ट्रक यातायात सीधे बायपास हो जाएगा।
दिल्ली को मिलेगा जाम से स्थायी समाधान
दिल्ली में जाम की समस्या दशकों पुरानी रही है। खासतौर पर द्वारका, नरेला, बवाना, करनाल रोड और झज्जर रोड जैसी जगहों पर घंटों जाम आम बात थी। UER-2 के बनने से इन इलाकों में जाम का दबाव काफी कम होगा और आम जनता को राहत मिलेगी।
इसके साथ ही यह परियोजना दिल्ली को वर्ल्ड-क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर देने की दिशा में एक और मजबूत कदम है।
प्रधानमंत्री का विज़न
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा जोर दिया है कि आधुनिक बुनियादी ढांचा ही देश की प्रगति का मार्ग है। दिल्ली में UER-2 का उद्घाटन उसी दिशा में उठाया गया अहम कदम है। मोदी सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी को विश्वस्तरीय ट्रांसपोर्ट हब बनाया जाए और दिल्ली-एनसीआर को स्मार्ट मोबिलिटी का मॉडल प्रस्तुत किया जाए।
निष्कर्ष
UER-2 के उद्घाटन के साथ दिल्ली के लोगों को न केवल जाम से राहत मिलेगी, बल्कि समय और ईंधन की भी भारी बचत होगी। यह प्रोजेक्ट राजधानी को आधुनिक और सुविधाजनक यातायात प्रणाली की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

