– दिल्ली दर्पण ब्यूरो
दिल्ली। रोहिणी कोर्ट परिसर में वकीलों द्वारा गणेश विसर्जन की परंपरा का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। लॉयर्स यूनाइटेड फ्रंट के तत्वावधान में गणपति विसर्जन की 10वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई।
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष श्री राजीव अग्निहोत्री ने भगवान गणेश की प्रतिमा अधिवक्ता चंद्रपाल सिंह गुसाईं को भेंट की। उन्होंने कहा कि “श्री गणेश ने कभी यह आदेश नहीं दिया कि उनकी मूर्तियों को नदियों, तालाबों या झीलों में विसर्जित किया जाए। यह परंपरा हमने स्वयं बनाई है। असली श्रद्धा तो भगवान की मूर्ति को हृदय और घर में स्थापित करने में है, न कि उन्हें प्रदूषण में विलीन करने में।”
प्रतिमा प्राप्त करने वाले अधिवक्ता चंद्रपाल सिंह गुसाईं ने कहा, “यह मेरे जीवन का सौभाग्य है कि गणेश प्रतिमा मुझे भेंट स्वरूप मिली। मैं पर्यावरण प्रेमी हूं और गणेश भक्त भी। इस पहल से हम प्रदूषण से बचाव कर सकते हैं और श्रद्धा को नए आयाम दे सकते हैं।”
यह पहल केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि एक सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश भी है, जिसमें भक्ति और प्रकृति प्रेम का अद्भुत संगम है। इस अनूठी परंपरा ने यह साबित कर दिया है कि आस्था निभाने के लिए जल प्रदूषण फैलाना जरूरी नहीं है।

