प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्लीवासियों को एक बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। वह राजधानी दिल्ली में अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) और द्वारका एक्सप्रेसवे के दिल्ली वाले हिस्से का उद्घाटन करेंगे। लंबे समय से प्रतीक्षित ये दोनों प्रोजेक्ट न केवल दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे, बल्कि आसपास के इलाकों के लिए भी नए विकास के द्वार खोलेंगे।
क्या है अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2)?
- UER-2 को दिल्ली का मिनी रिंग रोड कहा जा रहा है।
- इसकी कुल लंबाई लगभग 76 किलोमीटर है और यह दिल्ली को गुरुग्राम, बहादुरगढ़, सोनीपत और ग्रेटर नोएडा से जोड़ेगा।
- इस रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग 344M का दर्जा दिया गया है।
- यह प्रोजेक्ट दिल्ली के बाहरी इलाकों में बसे ट्रैफिक दबाव को कम करेगा और भारी वाहनों को शहर के अंदर घुसने से रोकेगा।
- इसके चालू हो जाने के बाद दिल्ली की भीड़भाड़ और प्रदूषण में काफी कमी आएगी।
द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली हिस्सा
- द्वारका एक्सप्रेसवे को भारत का पहला एलीवेटेड अर्बन एक्सप्रेसवे कहा जाता है।
- इसकी कुल लंबाई लगभग 29 किलोमीटर है, जिसमें से करीब 19 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा और 10 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में आता है।
- यह एक्सप्रेसवे द्वारका सेक्टर-21, IGI एयरपोर्ट और गुरुग्राम को सीधे जोड़ेगा।
- एक्सप्रेसवे के दिल्ली वाले हिस्से में टनल और फ्लाईओवर का बेहतरीन नेटवर्क तैयार किया गया है।
- IGI एयरपोर्ट तक जाने वाले यात्रियों को अब भीड़भाड़ वाली सड़कों से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
🚘 आम जनता को क्या फायदे?
- यात्रा समय में कमी – दिल्ली से गुरुग्राम और मानेसर जाने का सफर बेहद आसान और तेज होगा।
- प्रदूषण में कमी – भारी वाहन अब शहर के अंदर से न होकर सीधे UER-2 और एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे।
- ट्रैफिक जाम से राहत – आउटर रिंग रोड, NH-48 और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की सड़कों पर दबाव घटेगा।
- रियल एस्टेट और आर्थिक विकास को बढ़ावा – द्वारका और आसपास के इलाकों में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- दिल्ली और एनसीआर को एक नए स्तर की कनेक्टिविटी मिलेगी।
- इको-फ्रेंडली और अत्याधुनिक तकनीक से बना यह एक्सप्रेसवे ग्रीन कॉरिडोर की तरह काम करेगा।
- इस प्रोजेक्ट से राजधानी में सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स सिर्फ यात्रियों के सफर को आसान नहीं बनाते, बल्कि यह नए भारत की विकास गाथा का भी हिस्सा हैं। उम्मीद है कि UER-2 और द्वारका एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को राहत मिलेगी और राजधानी की सड़कों पर सफर करना और भी सुगम हो जाएगा।

