उत्तम नगर हत्याकांड के बाद मदद के नाम पर फर्जीवाड़ा, QR कोड से 2 दिन में 37 लाख रुपये जमा
राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई हत्या की घटना के बाद अब एक नया मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार की मदद के नाम पर कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से पैसे जुटाने की कोशिश की और QR कोड के जरिए लोगों से आर्थिक सहायता मांगकर दो दिनों में करीब 37 लाख रुपये इकट्ठा कर लिए। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही थीं अफवाहें
उत्तम नगर की घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें और भड़काऊ सामग्री भी सामने आई हैं। कुछ लोग इस मामले को धार्मिक एंगल देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए द्वारका जिला पुलिस ने ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, कई लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और अपुष्ट जानकारी फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहे थे। इसे रोकने के लिए पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों से संपर्क किया है।
अब तक पुलिस ने प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर भड़काऊ कंटेंट हटाने के लिए आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत 14 टेकडाउन रिक्वेस्ट भेजी हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर 8 टेकडाउन रिक्वेस्ट भेजी गई हैं।
झूठी कहानी बनाकर मांगे जा रहे थे पैसे
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि कुछ लोग इस घटना से जुड़ी झूठी कहानियां बनाकर लोगों से पैसे जुटाने की कोशिश कर रहे थे।
10 मार्च को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक QR कोड के जरिए लोगों से आर्थिक मदद की अपील की जा रही थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस संदिग्ध बैंक खाते में सिर्फ दो दिनों के भीतर करीब 37 लाख रुपये जमा हो चुके थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत संबंधित बैंक शाखा के मैनेजर को सूचना देकर खाते को फ्रीज करवा दिया और उसमें जमा रकम पर रोक लगा दी।
महिला का वीडियो कर रहे थे इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो शेयर कर लोगों से मदद मांगी जा रही थी। वीडियो 10 मार्च को अपलोड किया गया था, जिसमें एक यूट्यूब लिंक के जरिए QR कोड दिखाकर लोगों से पैसे देने की अपील की गई थी।
जांच में पता चला कि वीडियो में दिख रही महिला आरोपियों की रिश्तेदार है, लेकिन उसका इस हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है और उसे इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि उसके वीडियो के जरिए लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं।
पुलिस ने संबंधित यूट्यूब लिंक भी हटवा दिया है, जिसमें QR कोड दिखाया गया था।
अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
द्वारका जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अप्रमाणित या भ्रामक जानकारी साझा न करें।
पुलिस का कहना है कि जो भी लोग अफवाह फैलाकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

