Wednesday, March 4, 2026
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New Delhi – डीईआरसी में सदस्य पर उत्पीड़न का आरोप, संस्था में हलचल

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

नई दिल्ली। राजधानी में बिजली दरों और उपभोक्ता हितों की निगरानी करने वाली नियामक संस्था दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC)  के एक सदस्य सुरेंद्र बब्बर पर आयोग की एक महिला अधिकारी ने उत्पीड़न और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस शिकायत के बाद पूरे आयोग में हलचल मच गई है और यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।  शिकायतकर्ता ने आयोग के माननीय सदस्य राम नरेश सिंह को भेजे अपने गोपनीय पत्र में आरोप लगाया है कि श्री बब्बर लगातार उन्हें डराने-धमकाने, गाली-गलौज करने और सेवा से हटाने की धमकी देते हैं। पत्र में कहा गया है कि 18 जुलाई 2025 को शाम 3:39 बजे श्री बब्बर ने मोबाइल फोन से उन्हें अपने कक्ष में बुलाया और वहाँ बेहद धमकाने वाली भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि वह उन्हें नौकरी से निकाल देंगे और उनकी पेशेवर छवि को नुकसान पहुँचाएँगे।

शिकायतकर्ता आयोग में जूनियर लॉ ऑफिसर  का कहना है कि यह सब उनकी दी गई कानूनी राय (Legal Opinion) के प्रतिशोध में किया जा रहा है। उनका कहना है कि राय उन्होंने केवल अपने पेशेवर कर्तव्यों और नियामकीय प्रावधानों के तहत दी थी, लेकिन श्री बब्बर ने उसके कानूनी आधार पर विचार करने के बजाय उन्हें परेशान और अपमानित करना शुरू कर दिया। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह आचरण न केवल कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न (POSH Act, 2013) की श्रेणी में आता है, बल्कि यह संस्था के भीतर नियम-क़ानून और स्वतंत्र कार्यसंस्कृति को भी कमजोर करता है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि लगातार ऐसे व्यवहार से वह गंभीर मानसिक तनाव, डर और शत्रुतापूर्ण माहौल का सामना कर रही हैं।

कार्रवाई की मांग और चुप्पी

शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में आयोग से आग्रह किया गया है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जाए, उन्हें किसी भी प्रकार की बदले की कार्रवाई (Victimization) से बचाया जाए और श्री बब्बर के आचरण की उचित जांच कराई जाए।  इस मामले को चर्चाएं है। सूत्रों के अनुसार मामले को दबाने का प्रयाश किया जा रहा है। कोशिश है की मामला  Internal Complaints Committee (ICC) के स्तर पर ही सुलझ जाये और आगे ना बढ़े। इस मामले में DERC के सदस्य RN सिंह और उनकी निजी सचिव विजेंद्र से सम्पर्क किया लेकिन वे इस कुछ भी बिलने से बचा रहे थे। 

बहरहाल कार्यस्थलों पर इस तरह के उत्पीड़िन के बढ़ाते मामले चिंता और चर्चा का विषय बने हुए है।  चर्चा इस बात पर नहीं है की ऐसे मामले किसी ने किसी ससंथान में आये दिन सामने आ रहे है , बल्कि चिंता इस बात की भी है कि क्या इस तरह के आरोप एक हथियार के रूप में इस्तेमाल हो रहे है। 

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