नई दिल्ली:
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक बार फिर सदन में हंगामा देखने को मिला। सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर को लेकर कथित असंवेदनशील टिप्पणी के मुद्दे पर बुधवार को भाजपा विधायकों ने वेल में उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा ने आम आदमी पार्टी और विपक्ष की नेता आतिशी पर गुरु तेग बहादुर के अपमान का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है।
विधानसभा में हंगामे के बीच स्पीकर ने इस मामले में आतिशी से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
“AAP देश से माफी मांगे”: परवेश वर्मा
दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर का 350वां शहादत दिवस पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में इस विषय पर विशेष चर्चा के दौरान आतिशी ने न केवल इस पर कोई सकारात्मक टिप्पणी नहीं की, बल्कि उनके शब्दों से सिख समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
परवेश वर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी को इस कथित अपमान के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह की टिप्पणी की गई।
“हिंदुत्व या सिख गुरुओं की बात पर AAP को आपत्ति”: नेगी
भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी हिंदुत्व, राम मंदिर या सिख गुरुओं की प्रशंसा की बात आती है, तो AAP को परेशानी होने लगती है। उन्होंने सवाल किया कि गुरु तेग बहादुर जैसे महान व्यक्तित्व की शहादत पर चर्चा से विपक्ष को आपत्ति क्यों है।
सजा का फैसला स्पीकर करें: भाजपा
भाजपा नेताओं ने कहा कि आतिशी बुधवार को विधानसभा सत्र में मौजूद नहीं थीं। उन्होंने मांग की कि आतिशी सदन में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें और स्पीकर यह तय करें कि इस मामले में क्या कार्रवाई या सजा दी जानी चाहिए। भाजपा ने दोहराया कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, विरोध जारी रहेगा।
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