दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली:
दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर “कच्ची कॉलोनी” को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी मंत्री आशीष सूद के कथित बयान पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने जोरदार पलटवार करते हुए इसे गरीब, दलित और पूर्वांचल समाज के प्रति घृणास्पद मानसिकता करार दिया है। AAP नेताओं ने साफ कहा है कि कच्ची कॉलोनी में रहना कोई गुनाह नहीं, बल्कि जनता से जुड़ाव और जमीन से जुड़े रहने का प्रतीक है।
AAP नेताओं ने कहा कि पार्टी के कई विधायक और नेता आज भी कच्ची कॉलोनियों और गांवों में रहते हैं। बुराड़ी से चार बार विधायक चुने गए संजीव झा हों या कोडिया से दो बार विधायक बने कुलदीप कुमार—दोनों आज भी कच्ची कॉलोनियों में रहते हैं और उन्हें इस बात पर गर्व है। AAP का कहना है कि यह वही राजनीति है, जहां सत्ता में आने के बाद नेता कोठियों में शिफ्ट हो जाते हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के नेता सत्ता में रहते हुए भी जमीन से जुड़े रहते हैं।
AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि आशीष सूद ने कच्ची कॉलोनी में रहने को लेकर तंज कसकर अपनी असली सोच उजागर कर दी है। पार्टी का कहना है कि बीजेपी नेताओं के भीतर गरीबों, दलितों और पूर्वांचल से आने वाले लोगों के प्रति गहरी नफरत छिपी हुई है, जो अब खुले तौर पर सामने आ रही है। AAP का दावा है कि यही वजह है कि पहले बीजेपी को कच्ची कॉलोनियों और झुग्गी-बस्तियों में समर्थन नहीं मिलता था।
पार्टी ने याद दिलाया कि 2013 में अरविंद केजरीवाल ने राजनीति में एक नई शुरुआत की, जहां झुग्गी और कच्ची कॉलोनी में रहने वाले आम लोग भी चुनाव लड़ सके और विधायक-मंत्री बन सके। AAP नेताओं का कहना है कि यही बदलाव बीजेपी को सबसे ज्यादा चुभता है, क्योंकि वहां टिकट पैसे और बड़े राजनीतिक परिवारों के आधार पर मिलते हैं।
AAP ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने लगातार गरीबों से जुड़ी योजनाओं को कमजोर करने का काम किया है—चाहे मोहल्ला क्लीनिक बंद करना हो, मुफ्त दवाइयों की व्यवस्था रोकना हो या झुग्गियों पर बुलडोजर चलाना। पार्टी का कहना है कि यह सब उसी मानसिकता का हिस्सा है, जिसमें गरीबों को हाशिए पर रखा जाता है।
इस मुद्दे पर AAP ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली की आबादी का बड़ा हिस्सा कच्ची कॉलोनियों, झुग्गी-बस्तियों और पुनर्वास कॉलोनियों में रहता है। इन्हीं लोगों के वोट से सरकारें बनती और गिरती हैं। पार्टी ने दावा किया कि अगर गरीबों और वंचित वर्गों का अपमान जारी रहा, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।
AAP नेताओं ने दो टूक कहा—“हम कच्ची कॉलोनी में रहते हैं और इस पर हमें गर्व है। राजनीति को कोठियों से नहीं, जनता के बीच से चलना चाहिए।”
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