दिल्ली में टिल्लू ताजपुरिया गैंग को फिर से सक्रिय करने का प्लान हुआ फ़ैल: हेड कॉन्स्टेबल सहित 3 आरोपी रच रहे थे बड़ी साजिश
दिल्ली दर्पण ब्यूरो | नई दिल्ली | 16 जुलाई 2026
राजधानी दिल्ली से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है! कुख्यात टिल्लू ताजपुरिया गैंग को दोबारा से सक्रिय करने की बड़ी साजिश का दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल पवन कुमार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों का मकसद गैंग के नेटवर्क को फिर से मजबूत करना और रंगदारी के जरिए आर्थिक संसाधन जुटाना था।
गैंग कॉल के जरिये दे रहे थे धमकी
जांच के मुताबिक, यह मामला एक रियल एस्टेट कारोबारी से 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने से जुड़ा है। कारोबारी को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। आरोप है कि रकम नहीं मिलने पर हथियारबंद बदमाश कारोबारी के घर तक पहुंच गए और पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
एक साबुत ने फोड़ दिया भांडा
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने 27 जून को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर जांच हेड कॉन्स्टेबल पवन कुमार तक पहुंची, जिसके बाद उसे मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, पवन कुमार और मारा जा चुका गैंगस्टर सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया एक ही गांव के रहने वाले थे।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि रंगदारी से वसूली गई रकम का इस्तेमाल गैंग के जेल में बंद और विदेश में छिपे सदस्यों के खर्च चलाने के लिए किया जाना था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरी योजना गैंग को आर्थिक रूप से मजबूत कर दिल्ली में उसकी गतिविधियों को फिर से बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई गई थी।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल गैंग की कमान अमित उर्फ डबांग और विदेश में बैठे हिम्मत चीका के हाथ में है। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि गैंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों, फाइनेंसरों और सहयोगियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।