दिल्ली में मौत बन गया बिजली का खंभा! एक ही दिन में करंट से दो गायों की दर्दनाक मौत
दिल्ली दर्पण ब्यूरो रिपोर्ट: – 9 जुलाई 2026 राजधानी दिल्ली में मानूसन के समय में आपदा से निपटने के जितने भी दावे और वादे क्यों ना किये जाएँ लेकिन प्रशासन की लापरवाही आखिर कार इन दावों की पोल खोल ही देती है। जब वज़ीरपुर में एक बिजली के खम्बे के ग्रिल में दिन भर करंट दौड़ता रहा। सुबह के समय जब एक गाय इसकी चपेट में आये तो बिजली के तेज़ करेंट के कारण गाय ने वही तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। इसकी सूचना समाज सेवी प्रदीप कोली ने पुलिस नियंत्रण कक्ष को दी तो पुलिस ने दावा किया उन्होंने tpddl बिजली कम्पनी को इसकी सुचना समय रहते दे दी थी। लेकिन हद तो तब हो गयी जब कुछ घंटों बाद फिर एक और गाय उसी बिजली के खम्बे की चपेट में आ गयी। एक ही दिन में एक ही जगह पर, दो दो गायों की मौत के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा। बिजली वितरण कम्पनी के लोग आये और फिर करंट को दूर किया गया। सवाल है की यदि गाय की जगह कोई बच्चा और इंसान भी इसकी चपेट में आ सकता था। आखिर इतनी बड़ी लापरवाही का जिम्मेदार कौन है ?
लेकिन हैरानी की बात ये है बिजली कम्पनी का कहना है की उसे इस तरह की कोई सूचना नहीं दी गयी जबकि पुलिस का कहना है की उसे सूचना दी गयी है। जबकि कल ही दिल्ली में आपदा प्रबंधन समिति ने एक बैठक कर सभी विभागों को सख्त हिदायत दी थी। जिले के डीएम ने साफ़ कहा कि कोई कोताही बर्दास्त नहीं की जायेगी। लेकिन प्रशासन कितना गंभीर है यह इस घटना से साफ़ जाहिर हो रहा है।
इस गाय को उठाने आये काऊ एम्बुलेंस वालों ने भी माना की पिछले कुछ दिनों से उनके पास कई कॉल आयी है जिनमें गायों के करेंट लगने से मौत हुयी है। हद तो यह है की गायों के मरने के बाद भी इसकी कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है की यह गाय है किसकी ? दिल्ली में इस समय आवारा गाय के बड़ा और गंभीर मुद्दा बना हुआ है। प्रशासन इन पर लगाम लगाने में नाकाम पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। जिला के नव नियुक्त वौइस् चेयरमैन वीना असीजा ने जिला की बैठक में यह सुझाव दिया था की जिले में एक नियंत्रण कक्ष होना चाहिए जिसमें सभी विभाग के लोग शामिल हो। ताकि एक सिंगल नंबर से सभी विभागों तक सूचना पहुंचे जाएँ। यदि इस तरह का कोई कण्ट्रोल रूम होता तो यह लापरवाही नहीं होती।