रोहिणी में निर्माणाधीन इमारत ढही, तीन लोगों की मौत; पूरी रात चला रेस्क्यू ऑपरेशन
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16, g ब्लाक में बुधवार शाम हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। भारी बारिश के बीच एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मलबे की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद पूरी रात राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा और गुरुवार सुबह तक मलबे में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस (DFS), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), एमसीडी, राजस्व विभाग, TPDDL और अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। संयुक्त अभियान के तहत भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया और फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया गया।
पूरी रात चला राहत बचाव
रेस्क्यू के दौरान 32 वर्षीय मजदूर सद्दाम उर्फ रवि को जीवित बाहर निकाल लिया गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं हादसे में 42 वर्षीय दर्जी राम, 24 वर्षीय मजदूर काफे उर्फ नूरुल और भवन मालिक के 62 वर्षीय पिता रामदुआ की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य शुरू होने से पहले एक व्यक्ति को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे की प्रारंभिक जांच
जानकारी के अनुसार यह हादसा बुधवार शाम करीब 4:20 बजे नगर निगम के एक स्कूल के पास हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जी-4/152 और जी-4/153 नंबर की संपत्तियां इस दुर्घटना से प्रभावित हुई हैं।
एमसीडी के अधिकारियों के मुताबिक, जिस समय हादसा हुआ, उस समय इमारत में प्लंबिंग का कार्य चल रहा था। यह भवन हाल ही में निर्मित किया गया था और इसका नक्शा ‘सरल’ योजना के तहत स्वीकृत था। हालांकि निगम का कहना है कि इमारत गिरने की वास्तविक वजह का खुलासा विस्तृत तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही किया जा सकेगा।
पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और भवन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि निर्माण कार्य के दौरान स्वीकृत भवन नक्शे और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान समाप्त हो चुका है, लेकिन एहतियात के तौर पर डीएफएस और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर तैनात हैं। वहीं मलबा हटाने का कार्य अभी भी जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घटनास्थल पर कोई अन्य व्यक्ति फंसा न रह गया हो।