दिल्ली में हुई भारी बारिश के बाद कनॉट प्लेस में जलभराव की समस्या ने लोगों को परेशान कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया।
मंत्री ने बताया कि काके के होटल के पास करीब 100 मीटर का इलाका पानी में डूबा हुआ था। यहां ब्रिटिश काल में बनाए गए बैरल ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता अब पुरानी और सीमित हो गई है। साथ ही, आसपास बनी नई इमारतों के चलते बैरल का आकार छोटा हो गया, जिससे पानी की निकासी बाधित होती है और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं।
जलभराव से राहत दिलाने के लिए मौके पर दो पंप लगाए गए हैं, जो पानी को ड्रेन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। दुकानों के अंदर पानी जाने की समस्या को दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी हर बिंदु का बारीकी से अध्ययन कर रहा है।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि इस साल दिल्ली में जलभराव की स्थिति में काफी सुधार देखने को मिला है। मिंटो ब्रिज, जखीरा, मूलचंद, आईटीओ जैसे 34 पुराने जलभराव स्थलों पर इस बार पानी जमा नहीं हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि जैसे ही सोशल मीडिया या मीडिया के जरिए जलभराव की जानकारी मिलती है, इंजीनियर तुरंत कार्रवाई करते हैं।
मंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में दिल्ली को जलभराव की समस्या से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा।

