हम हवा पूरी तरह साफ नहीं कर पाए” — दिल्ली प्रदूषण पर मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की माफी, राजनीति भी हुई तेज
दिल्ली की जहरीली हवा एक बार फिर सियासत के केंद्र में है। बढ़ते प्रदूषण को लेकर लोगों की नाराज़गी के बीच दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने खुलकर जनता से माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार अभी तक राजधानी की हवा पूरी तरह साफ नहीं कर पाई है और यह काम कुछ महीनों में हो जाना संभव भी नहीं है।
“यह काम रातों-रात नहीं होता”
सिरसा ने कहा कि प्रदूषण दिल्ली की वर्षों पुरानी समस्या है।
“8–9 महीनों में किसी भी सरकार के लिए प्रदूषण को जड़ से खत्म कर देना संभव नहीं है,” उन्होंने कहा।
हालांकि, मंत्री का दावा है कि सरकार लगातार कोशिश कर रही है और पिछले कुछ महीनों में AQI में रोज़ाना सुधार देखने को मिला है।
बच्चों की सेहत सबसे बड़ी चिंता
मंत्री ने माना कि प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या को डॉक्टर और मरीज के रिश्ते की तरह देख रही है—जहां रोज़ इलाज होता है और धीरे-धीरे हालत सुधरती है।
उनके मुताबिक, नवंबर 2024 की तुलना में इस साल नवंबर में AQI हर दिन करीब 20 पॉइंट कम रहा, और दिसंबर में भी यही ट्रेंड जारी है।
आप और कांग्रेस पर तीखा हमला
माफी के साथ-साथ सिरसा का राजनीतिक हमला भी साफ दिखा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की यह “बीमारी”
11 साल की आम आदमी पार्टी और 15 साल की कांग्रेस सरकारों की देन है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आज वे मास्क पहनकर बयान दे रहे हैं, लेकिन जब पिछले साल AQI 380 तक पहुंचा था, तब वे नजर नहीं आए।
सख्ती भी, सुधार की उम्मीद भी
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं—
- दिल्ली में सिर्फ BS-6 वाहनों की एंट्री
- बिना PUC सर्टिफिकेट के वाहनों को फ्यूल न देना
उनका कहना है कि इन फैसलों का असर जमीन पर दिख रहा है और हवा की गुणवत्ता में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
“माफी भी है, भरोसा भी”
सिरसा ने कहा,
“मैं दिल्ली के लोगों से माफी मांगता हूं कि हम अभी तक प्रदूषण पूरी तरह खत्म नहीं कर पाए। लेकिन यह कहना भी जरूरी है कि 9–10 महीनों में ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं। हम हर दिन AQI कम कर रहे हैं और इसी रफ्तार से काम जारी रहा तो दिल्ली को साफ हवा जरूर मिलेगी।”
सियासत जारी, सवाल बाकी
मंत्री का कहना है कि प्रदूषण की जड़ पिछली सरकारों की नीतियों में है और मौजूदा सरकार अब इसका इलाज कर रही है।
लेकिन दिल्ली वालों के लिए सबसे बड़ा सवाल वही है—
हवा कब सच में सांस लेने लायक होगी?

