नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम जिले के थाना जहाँगीर पुरी की पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अलग-अलग मामलों में लापता और अपहृत हुए पांच व्यक्तियों को सफलतापूर्वक तलाश कर उनके परिजनों से मिलाया है। बरामद किए गए लोगों में दो नाबालिग लड़कियां और तीन वयस्क शामिल हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना की जा रही है।
राजस्थान और गुजरात से हुई नाबालिगों की बरामदगी
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए लोगों में दो ऐसी नाबालिग लड़कियां शामिल थीं जिन्हें दिल्ली से बाहर ले जाया गया था। एक मामले में (FIR No. 82/2026), एसआई राजेश और उनकी टीम ने महज 48 घंटे के भीतर कड़ी मशक्कत के बाद लड़की को भिलवाड़ा, राजस्थान से सुरक्षित बरामद किया। वहीं, एक अन्य मामले (FIR No. 1006/25) में एएसआई अशोक कुमार की टीम ने तकनीकी जांच और जमीनी नेटवर्क की मदद से दूसरी नाबालिग लड़की को सूरत, गुजरात से खोज निकाला।

24 घंटे के भीतर हुई अन्य बरामदगी
पुलिस की टीमों ने अन्य तीन वयस्कों को भी रिकॉर्ड समय में तलाश लिया,चंदनी (28 वर्ष) एचसी अमित और उनकी टीम ने तत्परता दिखाते हुए इन्हें खोजा और परिवार को सौंपा।
सागर (26 वर्ष): इन्हें लापता होने के मात्र 24 घंटे के भीतर पुलिस टीम ने सुरक्षित ढूंढ निकाला। सपना (30 वर्ष): सी-ब्लॉक निवासी सपना को एचसी मंदीप की टीम ने 24 घंटे के अंदर खोजकर उनके पति अर्जुन के सुपुर्द किया।
यह पूरा ऑपरेशन जहाँगीर पुरी के एसएचओ इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह के मार्गदर्शन और एसीपी योगेंद्र खोकहर के समग्र निर्देशन में चलाया गया। फील्ड में टीमों को इंस्पेक्टर नेतराम (लॉ एंड ऑर्डर) द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। पुलिस टीम ने समन्वित प्रयासों, जमीनी सत्यापन और समय पर फॉलो-अप के जरिए इन सभी को सुरक्षित घर वापस पहुंचाया।
अपनों से दोबारा मिलने पर परिजनों ने दिल्ली पुलिस का आभार व्यक्त किया है। थाना स्टाफ की इस पेशेवर कार्यशैली ने एक बार फिर पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है।
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