नई दिल्ली: देश में बढ़ती LPG गैस की किल्लत को लेकर राजनीति तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस संकट के लिए भारत की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण देश में लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है और हालात ऐसे ही रहे तो एक करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हो सकते हैं।
देश में LPG की भारी किल्लत
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि इस समय देश गंभीर संकट से गुजर रहा है। उनके मुताबिक भारत में LPG की खपत का करीब 60 फीसदी हिस्सा आयात किया जाता है और उसमें से लगभग 90 फीसदी सप्लाई Strait of Hormuz के रास्ते आती है। लेकिन वर्तमान हालात में इस मार्ग से आपूर्ति बाधित हो गई है, जिसके कारण देश में LPG उत्पादन और उपलब्धता दोनों प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि फिलहाल देश में केवल 50 से 55 प्रतिशत LPG ही उपलब्ध हो पा रही है, जबकि मांग इससे कहीं अधिक है।
होटल और रेस्टोरेंट पर सबसे ज्यादा असर
केजरीवाल के अनुसार LPG संकट का सबसे बड़ा असर होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से होटल और रेस्टोरेंट LPG सिलेंडर का ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकते और उन्हें रोजाना सप्लाई मिलती है। लेकिन अचानक सप्लाई रुकने से कई जगहों पर होटल बंद होने लगे हैं।
उन्होंने दावा किया कि मुंबई में करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं और अगले कुछ दिनों में यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। वहीं तमिलनाडु में करीब 10 हजार होटल बंद होने की कगार पर हैं। इसके अलावा दिल्ली, पंजाब, बेंगलुरु, हैदराबाद, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और छत्तीसगढ़ से भी ऐसी ही खबरें सामने आ रही हैं।
उद्योगों पर भी संकट
केजरीवाल ने बताया कि गुजरात के मोरबी में स्थित टाइल उद्योग, जिसे टाइल इंडस्ट्री की राजधानी कहा जाता है, वहां भी संकट गहरा गया है। उनके मुताबिक वहां मौजूद 650 फैक्ट्रियों में से करीब 170 फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं, जिससे लगभग एक लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि अगर स्थिति जल्दी नहीं सुधरी तो पूरे देश में एक करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हो सकते हैं।
विदेश नीति को बताया कारण
केजरीवाल ने कहा कि हाल के दिनों में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि Iran ने Strait of Hormuz पर नियंत्रण रखते हुए केवल अपने मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है, जिससे भारत जैसे देशों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेश नीति के कारण भारत इस संकट में फंस गया है। केजरीवाल ने कहा कि भारत को किसी भी युद्ध में पक्ष लेने के बजाय तटस्थ रहना चाहिए था।
मोदी सरकार पर सीधा हमला
केजरीवाल ने कहा कि भारत की विदेश नीति पिछले 75 वर्षों से संतुलित रही है, लेकिन हाल के दिनों में उसमें बदलाव हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने अमेरिका और इज़राइल के साथ खड़े होकर अपनी तटस्थ नीति को कमजोर किया, जिसका असर अब LPG आपूर्ति पर पड़ रहा है।
हालांकि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

