अशोक विहार: दिल्ली दर्पण टीवी
दिल्ली नगर निगम (MCD) के केशव पुरम जोन के डीसी संदीप गहलोत ने बुधवार को क्षेत्रीय निगम पार्षद वीना असीजा के साथ वार्ड संख्या 65 का सघन दौरा किया। दोपहर 12 बजे अशोक विहार सेंट्रल मार्केट से शुरू हुए इस ‘तूफानी दौरे’ ने इलाके के अतिक्रमणकारियों और लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया। डीसी के आने की सूचना मिलते ही निगम का अमला एक्शन में दिखा; आनन-फानन में सफाई की गई और चूना बिछाकर व्यवस्था सुधारने की कोशिश हुई।
बाजार की बदहाली और अवैध कब्जों पर बरसे DC
निरीक्षण के दौरान डीसी संदीप गहलोत को बाजार में बड़े पैमाने पर अवैध खोखे और अतिक्रमण नजर आया। उन्होंने खुद मौके पर मौजूद अवैध कब्जाधारियों को कड़ी चेतावनी दी। बाजार में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली; कई जगहों पर नाले टूटे हुए और कूड़े से भरे पाए गए। इस दौरान पार्षद वीना असीजा के साथ मार्केट प्रधान, स्थानीय दुकानदार, आरडब्ल्यूए (RWA) प्रतिनिधि और भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कम्युनिटी सेंटर की दुर्दशा पर नाराजगी
दौरे के अगले चरण में डीसी वज़ीरपुर गांव के कम्युनिटी सेंटर और सभा स्थल पहुंचे। स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि यह स्थान पहले कीर्तन और छोटे आयोजनों के काम आता था, लेकिन अब रखरखाव के अभाव में पूरी तरह बदहाल हो चुका है। डीसी ने इसका गहन निरीक्षण किया और जल्द सुधार के निर्देश दिए।
कार डीलरों और रेस्टोरेंट्स की मनमानी
क्षेत्र की आरडब्ल्यूए और स्थानीय लोगों ने सबसे बड़ी समस्या कार डीलरों द्वारा सड़कों और फुटपाथों पर किए गए अवैध कब्जों को बताया। केडी ब्लॉक आरडब्ल्यूए ने लिखित शिकायत देते हुए बताया कि कार डीलरों ने अपनी गाड़ियां बिक्री के लिए सड़क पर खड़ी कर दी हैं, जिससे पैदल चलना भी दूभर है। इसके अलावा “मिस्टर क्रश” बेकरी और रेस्टोरेंट पर आने वाली गाड़ियों के कारण लगने वाले जाम और फ्लैट्स में किए गए अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
“हमने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। सड़कों और फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगामी 10 दिनों के भीतर पूरी सफाई और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” > — संदीप गहलोत, डीसी (रोहिणी/केशव पुरम जोन)
क्षेत्रीय पार्षद वीना असीजा और बीजेपी नेता सतीश गर्ग ने भी इस दौरे के बाद उम्मीद जताई कि डीसी के कड़े रुख के बाद अब जनता को जाम और अतिक्रमण से मुक्ति मिलेगी। गौरतलब है कि दिल्ली दर्पण टीवी इस भ्रष्टाचार और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से चल रहे अतिक्रमण के खिलाफ लगातार आवाज उठाता रहा है। अब देखना यह होगा कि डीसी के इस 10 दिन के अल्टीमेटम का जमीन पर कितना असर होता है।
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