नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पूर्वी इलाके गाजीपुर स्थित आशीर्वाद अपार्टमेंट से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ देश में एलपीजी का संकट गहराया हुआ है, तो दूसरी तरफ लापरवाही की वजह से एक ढाई साल की मासूम बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी। गैस रिसाव (LPG Leakage) की इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि स्थानीय प्रशासन और MCD (नगर निगम) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खेलते-खेलते मौत की आगोश में समा गई मासूम
घटना रविवार दोपहर की है, जब गाजीपुर के आशीर्वाद अपार्टमेंट में दो बहनें एक साथ खेल रही थीं। अचानक गैस पाइपलाइन या रेगुलेटर से हुए रिसाव ने पूरे घर को जहरीली गैस से भर दिया। देखते ही देखते ढाई साल की बच्ची और उसकी सात साल की बड़ी बहन बेहोश हो गई। पिता राहिद, जो पेशे से दर्जी हैं, जब तक घर पहुँचते तब तक बहुत देर हो चुकी थी। छोटी बच्ची ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया, जबकि बड़ी बहन की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
MCD और सुरक्षा ऑडिट पर बड़ा सवाल
यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। आशीर्वाद अपार्टमेंट जैसे रिहायशी इलाकों में MCD और संबंधित विभाग नियमित ‘सेफ्टी ऑडिट’ करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
- क्या एमसीडी ने इन पुराने और भीड़भाड़ वाले अपार्टमेंट्स में गैस पाइपलाइन और फायर सेफ्टी मानकों की जांच की थी?
- क्या किराए के इन फ्लैटों में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है?
- स्थानीय निगम पार्षद और अधिकारी केवल टैक्स वसूली तक सीमित हैं, जनता की सुरक्षा उनके एजेंडे में कहीं नजर नहीं आती।
संकट के दौर में लापरवाही का ‘डबल अटैक’
एक तरफ मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते दिल्ली की जनता गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ जो गैस उपलब्ध है, वह जानलेवा साबित हो रही है। एफएसएल (FSL) की टीम ने पुष्टि की है कि मौत का कारण गैस रिसाव ही था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके के लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने बिल्डिंग्स की सुरक्षा और गैस एजेंसियों की मनमानी पर लगाम कसी होती, तो आज एक चिराग नहीं बुझता।
यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/delhi-hc-kejriwal-sisodia-liquor-policy-case-next-hearing-6-april/

