– प्रभाकर राणा , दिल्ली दर्पण टीवी
नार्थ दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में जालसाजों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे व्यापारिक लेन-देन की आड़ में लाखों रुपये की ठगी के लिए ‘गड्डी मार’ जैसे शातिराना तरीकों का सहारा ले रहे हैं। दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके से सामने आए इस चौंकाने वाले मामले ने व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक शातिर गिरोह ने कालकाजी ग्लासेज़ प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हिमांशु गोयल को रांची की एक कंपनी बनकर लगभग 28 लाख रुपये के हार्डवेयर का ऑर्डर दिया और सुरक्षा के तौर पर 25 लाख रुपये कैश देने का झांसा दिया। यह पूरी साजिश इतनी योजनाबद्ध थी कि आरोपियों ने विकासपुरी में व्यापारी के कर्मचारी को भीड़भाड़ के बीच सीलबंद पैकेट थमाए और पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गए।
ठगी की इस वारदात का सबसे डरावना पहलू वह पैकेट था, जिसे दफ्तर जाकर खोलने पर सबके होश उड़ गए। जालसाजों ने गड्डियों के ऊपर और नीचे तो 500-500 के असली नोट लगाए थे, लेकिन गड्डी के बीच में सिर्फ रद्दी और फोटोकॉपी किए हुए सफेद कागज भरे हुए थे। यह मामला दिल्ली के हर कारोबारी के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि कैश में बड़ी रकम का लेन-देन करते समय पूरी सावधानी बरतें, वरना आपकी मेहनत की कमाई पर ये ‘गड्डी मार’ गैंग इसी तरह सेंध लगा सकते हैं।
हैरानी की बात यह रही कि पुलिस के पास गुहार लगाने के बाद भी जब त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ित व्यापारी ने खुद अपनी जान जोखिम में डालकर ‘फिल्मी अंदाज’ में जाल बिछाया। उन्होंने दूसरे नंबर से ग्राहक बनकर आरोपियों को 10 लाख रुपये के सौदे का लालच दिया और उन्हें शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन बुलाया, जहाँ अपने स्टाफ के साथ मिलकर दो आरोपियों, धनराज भांभू और सुनील कुमार लखेसा को दबोच लिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 316, 61 और 178/182 के तहत मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन व्यापारी का आरोप है कि पुलिसिया ढिलाई के कारण आरोपियों को जल्द ही नोटिस देकर छोड़ दिया गया।

