– दिल्ली दर्पण ब्यूरो
दिल्ली के बवाना स्थित अदिति महाविद्यालय (दिल्ली विश्वविद्यालय) में “विकसित भारत युवा कनेक्ट” कार्यक्रम के अंतर्गत एक प्रेरणादायक सेमिनार का आयोजन किया गया । इस सेमिनार का मुख्य विषय “वंदे मातरम्: विकसित भारत 2047 के लिए सभ्यता मंत्र” रखा गया था, जिसका मूल उद्देश्य युवाओं को भारत की समृद्ध सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना था । कार्यक्रम का कुशल मार्गदर्शन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. नीलम राठी द्वारा किया गया, जबकि नोडल अधिकारी डॉ. मंजू रानी और छात्र समन्वयक वंशिका गुप्ता ने आयोजन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।
सेमिनार की मुख्य अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा कुमारी दिशा गोयल रहीं । उन्होंने अपने संबोधन में “वंदे मातरम्” की उत्पत्ति और इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी रचना महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी । उन्होंने जोर देकर कहा कि “वंदे मातरम्” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय चेतना का सशक्त प्रतीक है जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारतीयों में आत्मसम्मान की भावना जागृत की थी । उन्होंने उपस्थित युवाओं को “अमृत काल” के इस दौर में शिक्षा, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया ।
इस आयोजन के दौरान भारत की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक विकास पर भी विस्तार से चर्चा की गई । वक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत मात्र एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि एक महान सभ्यता का प्रतीक है । सेमिनार में महाविद्यालय के अनेक छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और अंत में सभी प्रतिभागियों ने देश की प्रगति में अपना पूर्ण योगदान देने का संकल्प लिया । यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ ।


