नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रही हलचलों और सांसद राघव चड्ढा के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की उड़ती खबरों पर पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने चुप्पी तोड़ी है। एक निजी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में संजय सिंह ने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ़ कर दिया कि अगर भविष्य में ऐसी कोई स्थिति बनी, तो वह खुद राघव चड्ढा के खिलाफ सबसे पहले मोर्चा खोलेंगे।
“राघव पार्टी का अटूट हिस्सा, अफवाहों में कोई दम नहीं”
संजय सिंह ने राघव चड्ढा का बचाव करते हुए कहा कि वह आम आदमी पार्टी के एक अहम स्तंभ हैं और परिवार के सदस्य की तरह जुड़े हुए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पार्टी ने राघव पर हमेशा भरोसा जताया है, चाहे उन्हें राज्यसभा भेजना हो या पंजाब की बड़ी जिम्मेदारी सौंपना। सिंह ने कहा, “राघव को पार्टी ने बहुत कुछ दिया है और उन्हें कानूनी मामलों में भी राहत मिली है, ऐसे में उनके पार्टी छोड़ने की बात कहना गलत है।”
सक्रियता कम होने पर उठ रहे सवाल
पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा न तो पार्टी दफ्तर में नजर आए हैं और न ही किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस या सोशल मीडिया पर सक्रिय दिखे हैं। यहाँ तक कि पार्टी की बड़ी कानूनी जीत पर भी उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, जिससे अटकलों को बल मिला। इस पर संजय सिंह ने स्वीकार किया कि उनकी सक्रियता कम रही है, लेकिन उन्होंने कहा, “राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, कभी कोई नेता कम सक्रिय होता है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह पार्टी छोड़ रहा है। इसका बेहतर जवाब खुद राघव ही दे सकते हैं।”
संजय सिंह की कड़ी चेतावनी
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि अगर राघव चड्ढा पाला बदलते हैं तो उनका रुख क्या होगा? इस पर संजय सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि फिलहाल उन्हें ऐसी किसी संभावना पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है, लेकिन अगर कभी राघव चड्ढा ऐसा कोई कदम उठाते हैं, तो सबसे पहले विरोध करने वालों में वह खुद खड़े होंगे।

