नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला जब आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने सदन के भीतर और बाहर केंद्र सरकार, उपराज्यपाल (LG) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ‘आप’ का सीधा आरोप है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत दिल्ली के बुजुर्गों की पेंशन रोक दी गई है और जनता के पानी के गलत बिलों का समाधान नहीं होने दिया जा रहा है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही ‘आप’ विधायकों ने ‘बुजुर्गों को पेंशन दो’ और ‘दिल्ली के काम मत रोको’ जैसी तख्तियां लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

मुख्यमंत्री आतिशी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार को पंगु बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल कार्यालय के माध्यम से अधिकारियों पर भारी दबाव बनाया जा रहा है, ताकि वे जनहित की फाइलों को रोक सकें। आतिशी ने दावा किया कि न केवल बुजुर्गों की सम्मान राशि (पेंशन) रोकी गई है, बल्कि मोहल्ला क्लीनिकों में होने वाले मुफ्त टेस्ट और दवाइयों के बजट में भी जानबूझकर कटौती की जा रही है। उनके अनुसार, यह सीधे तौर पर दिल्ली के गरीब और मध्यम वर्ग के अधिकारों पर हमला है।
इसके अलावा, पानी के बढ़े हुए बिलों का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठा। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली जल बोर्ड के माध्यम से जनता को राहत देने की हर कोशिश को एलजी और बीजेपी द्वारा बाधित किया जा रहा है। हजारों परिवारों के पास पानी के गलत बिल पहुंचे हैं, लेकिन उनके समाधान की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। ‘आप’ नेताओं ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पेंशन बहाल नहीं की गई और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी रुकावटें दूर नहीं हुईं, तो वे दिल्ली की सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे और जनता की अदालत में बीजेपी के “विकास विरोधी” चेहरे को बेनकाब करेंगे।

