नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट(दिल्ली दर्पण टीवी)
दिल्ली नगर निगम (MCD), जो पिछले लंबे समय से ‘कंगाली’ के दौर से गुजर रहा था, उसके लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राहत का पिटारा खोल दिया है। बजट 2026-27 में MCD के लिए ₹11,266 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। यह राशि न केवल नगर निगम के इतिहास में सबसे बड़ी है, बल्कि यह दिल्ली के बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों के लिए एक ‘लाइफलाइन’ साबित हो सकती है।
ठेकेदारों और टेंडरों का संकट होगा खत्म?
वर्तमान में MCD की हालत यह है कि कोई भी बड़ा ठेकेदार नया टेंडर लेने को तैयार नहीं होता। कारण साफ है—पुराने बकाये का भुगतान न होना। बजट में की गई इस भारी बढ़ोतरी से रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
- समय पर भुगतान: ₹11,266 करोड़ की इस बड़ी राशि से ठेकेदारों के पुराने बिलों के भुगतान का रास्ता साफ होगा, जिससे बाजार में भरोसा लौटेगा और सड़कों की मरम्मत, नालों की सफाई जैसे काम दोबारा शुरू हो सकेंगे।
कर्मचारियों के लिए ‘उम्मीद की किरण’
MCD के हजारों सफाई कर्मचारी, डॉक्टर और शिक्षक अक्सर वेतन न मिलने के कारण हड़ताल पर रहते थे।
- वेतन और एरियर: इस रिकॉर्ड आवंटन का एक बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और उनके लंबित एरियर (Arrears) के लिए सुरक्षित रखा गया है। इससे ‘कंगाल निगम’ की छवि बदलेगी और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।
आंकड़ों की नजर में राहत (Comparison):
- रिकॉर्ड बढ़ोतरी: पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस बार निगम को मिलने वाली सहायता में बड़ी वृद्धि की गई है।
- बकाये का निपटारा: आवंटित राशि का लगभग 20-25% हिस्सा पिछले वित्तीय बोझ और देनदारियों को कम करने में इस्तेमाल होने की उम्मीद है।
- विकास कार्य: विधायक निधि (MLA-LAD) और निगम के फंड के तालमेल से वार्ड स्तर पर विकास कार्यों के लिए अलग से बजट सुनिश्चित किया गया है।
दोषारोपण से समाधान तक
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकारों ने फंड रोकने की जो राजनीति की, उसकी सजा दिल्ली की जनता ने भुगती है। अब ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार के विजन के साथ फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। ₹11,266 करोड़ का यह आवंटन सुनिश्चित करेगा कि दिल्ली का कूड़ा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन से भी साफ हो।

