नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने ही विधानसभा क्षेत्र शालीमार बाग (शालीमार गांव) में इन दिनों दहशत और गुस्से का माहौल है। आजादपुर मंडी से मैक्स हॉस्पिटल तक सड़क चौड़ी करने के नाम पर प्रशासन ने करीब 143 संपत्तियों को अनाधिकृत घोषित कर 15 दिन के भीतर घर खाली करने का नोटिस चस्पा कर दिया है। इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय निवासी सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
“भाजपा ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा”
शालीमार गांव के निवासियों का गुस्सा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ फूट रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि चुनाव के समय रेखा गुप्ता ने हाथ जोड़कर और पैर छूकर उनसे वोट मांगे थे, लेकिन सत्ता में आते ही उन्होंने उन्हीं के घरों पर बुलडोजर चलाने का आदेश दे दिया। एक बुजुर्ग निवासी ने भावुक होकर कहा, “भाजपा ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा है। हमने अपनी जिंदगी भर की कमाई इन घरों में लगा दी, और अब हमें बेघर किया जा रहा है।”
केजरीवाल सरकार से तुलना और ‘दहशत’ का माहौल
विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकार को याद करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार लोगों को बसाने और उन्हें मालिकाना हक देने का काम करती थी, लेकिन भाजपा सरकार केवल उजाड़ना जानती है। लोगों का आरोप है कि जब से रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बनी हैं, पूरी दिल्ली में ‘बुलडोजर’ की दहशत फैल गई है।
PM-UDAY की रजिस्ट्री भी नहीं आई काम?
हैरानी की बात यह है कि जिन 143 संपत्तियों को नोटिस दिया गया है, उनमें से कई लोगों के पास PM-UDAY योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा दी गई पक्की रजिस्ट्री भी है। बावजूद इसके, प्रशासन ने उनके मालिकाना हक के दावों को खारिज कर दिया है। लोगों का सवाल है कि अगर प्रधानमंत्री की योजना के तहत हुई रजिस्ट्री भी उनके घर नहीं बचा सकती, तो फिर गरीब आदमी कहाँ जाए?
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
शालीमार बाग की महिलाओं और बुजुर्गों ने साफ कर दिया है कि वे अपने आशियाने को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि वे न केवल कानूनी लड़ाई लड़ेंगे, बल्कि सड़क पर अपने आंदोलन को और भी उग्र करेंगे। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज और संजीव झा भी लगातार इन परिवारों के संपर्क में हैं और इस कार्रवाई को “जनता विरोधी” बता रहे हैं।

