नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली का दयालपुर इलाका उस वक्त दहल गया जब नेहरू विहार की गलियों में एक 16 वर्षीय किशोर की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वारदात की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को गली नंबर 13 में किशोर लहूलुहान और बेहोश हालत में मिला। उसे तुरंत जेपीसी (JPC) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बुलिंग (Bullying) बनी कत्ल की वजह?
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिगों (CCLs) को हिरासत में लिया है, जिनकी उम्र 13 से 17 वर्ष के बीच है। शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए नाबालिगों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका दावा है कि मृतक किशोर उनमें से एक को अक्सर परेशान और ‘बुलिंग’ करता था, जिसका बदला लेने के लिए उन्होंने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।
स्पेशल स्टाफ की मुठभेड़: पैर में गोली लगने के बाद इनामी बदमाश गिरफ्तार
एक अन्य बड़ी कार्रवाई में, दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ ने आईपी एस्टेट (IP Estate) इलाके में मुठभेड़ के बाद वांछित अपराधी अजय कालिया को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को हुई इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से गोलियां चलीं। एक गोली स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बची। जवाबी कार्रवाई में अजय कालिया के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। अजय कालिया हत्या और लूट के कई मामलों में फरार चल रहा था।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
दयालपुर हत्याकांड के बाद फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में इन तीन नाबालिगों के अलावा कोई और भी शामिल था। फिलहाल, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है और इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

