नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को मानसून के दौरान जलभराव और यमुना के बढ़ते जलस्तर की चुनौतियों से बचाने के लिए शासन-प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। बुधवार को दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संयुक्त रूप से वासुदेव घाट और यमुना बाजार घाट का विस्तृत दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यमुना के पुनर्जीवन कार्यों और घाटों की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेना था।
गाद निकालने का काम ‘मिशन मोड’ में
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना की तलहटी से गाद (Dredging) निकालने की धीमी प्रक्रिया पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि मानसून की पहली बारिश से पहले गाद निकालने का काम ‘मिशन मोड’ में तेज किया जाए। सीएम ने कहा कि यमुना हमारी आस्था और विरासत की प्रतीक है, इसलिए इसकी स्वच्छता और जल प्रवाह को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गुणवत्ता और समय सीमा पर एलजी का जोर
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने घाटों के बुनियादी ढांचे और चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्जीवन के सभी कार्य न केवल तय समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए, बल्कि उनकी गुणवत्ता (Quality) के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। एलजी ने यमुना बाजार घाट पर सुरक्षा और लाइट व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
स्वच्छ यमुना: ज़मीनी हकीकत पर फोकस
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा, “स्वच्छ यमुना का जो संकल्प हमने लिया है, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ जमीन पर उतारा जा रहा है।” यमुना के तटों को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना दिल्ली सरकार और एलजी प्रशासन का साझा लक्ष्य है। आगामी मानसून को देखते हुए जल बोर्ड और संबंधित विभागों के अधिकारियों को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट (Weekly Progress Report) सौंपने के भी निर्देश दिए गए हैं।

