नई दिल्ली | विशेष संवाददाता दिल्ली की राजनीति में विकास और मानवता के समन्वय की एक ऐसी मिसाल कायम हो रही है जिसे इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की विधानसभा ‘शालीमार बाग’ आज केवल एक रिहायशी इलाका नहीं, बल्कि 10 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के साथ दिल्ली के भविष्य का सबसे आधुनिक चेहरा बनने जा रहा है। जिस तेजी और संकल्प के साथ यहाँ बुनियादी ढांचे का कायाकल्प हो रहा है, उसे देखकर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि भविष्य में लोग इसे एक ‘लेजेंड’ की तरह याद करेंगे और कहेंगे— “एक थी रेखा गुप्ता”, जिन्होंने शालीमार बाग को फर्श से अर्श तक पहुंचा दिया।
संवेदना की मिसाल: विकास के लिए नहीं उजड़े 500 आशियाने
इस विकास गाथा का सबसे बड़ा सस्पेंस और समाधान ‘मानवतावादी निर्णय’ में छिपा है। सड़क चौड़ीकरण के पुराने प्रोजेक्ट में करीब 25 मीटर का कब्जा हटाया जाना था, जिसकी जद में 500 से ज्यादा घर आ रहे थे। लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के व्यक्तिगत हस्तक्षेप के बाद राजस्व विभाग ने रणनीति बदली। अब इस कब्जे को घटाकर मात्र 10.10 मीटर कर दिया गया है, जिससे 30 मीटर चौड़ी सड़क का रास्ता भी साफ हो गया और सैकड़ों परिवारों की छत भी सुरक्षित रही।
मुनक नहर: 5000 करोड़ का एलिवेटेड रोड और भव्य छठ घाट
शालीमार बाग की कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए मुनक नहर पर करीब 5000 करोड़ रुपये की लागत से एक एलिवेटेड रोड का निर्माण हो रहा है।
नया रूट: यह रोड इंद्रलोक से होते हुए अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) को जोड़ेगा।
सांस्कृतिक वैभव: वर्षों से उपेक्षित मुनक नहर के किनारों पर स्थायी पक्के छठ घाट और आधुनिक पार्क बनाए जा रहे हैं।
एनएसपी और नेहरू प्लेस से भी भव्य बनेगा नया हब
शालीमार बाग को दिल्ली का अगला बड़ा कमर्शियल और डेटा सेंटर हब बनाने की तैयारी है:
FRA में 5 गुना वृद्धि: यहाँ का FRA (Floor Area Ratio) 100 से बढ़ाकर 500 कर दिया गया है, जिससे गगनचुंबी व्यापारिक इमारतें बन सकेंगी।
ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर: मैक्स हॉस्पिटल के बगल में नया सरकारी अस्पताल, अत्याधुनिक स्कूल, डेटा मैनेजमेंट सेंटर और विश्व स्तरीय होटल इस इलाके की ‘प्रोफ़ाइल’ बदल देंगे।
भारत मंडपम की तर्ज पर कन्वेंशन सेंटर: द्वारका के यशोभूमि की तरह यहाँ एक विशाल कन्वेंशन सेंटर और पासपोर्ट ऑफिस बनेगा।
भविष्य का ‘क्राउन ज्वेल’
आउटर रिंग रोड से सीधा जुड़ाव और मुनक नहर का सौंदर्यीकरण शालीमार बाग को यूरोप के किसी आधुनिक शहर जैसा लुक देगा। यह केवल ईंट-पत्थर का विकास नहीं है, बल्कि एक नेता के अपने क्षेत्र के प्रति समर्पण की पराकाष्ठा है। जब ये सभी प्रोजेक्ट्स पूर्ण होंगे, तब दुनिया देखेगी कि कैसे एक विजनरी नेतृत्व ने एक साधारण इलाके को दिल्ली का “क्राउन ज्वेल” (ताज का रत्न) बना दिया।

