Tuesday, April 14, 2026
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अशोक विहार: वजीरपुर में ‘संतोष’ की बेरहमी से हत्या; सब जानते हैं कातिल कौन, पर खौफ के मारे जुबान बंद!

– राजेंद्र स्वामी, दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: राजधानी का वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया एक बार फिर खून से लाल हो गया है। यहाँ के मछली मार्केट इलाके में सरेराह 25 वर्षीय युवक संतोष की चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई। दिल्ली दर्पण टीवी की ग्राउंड रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि वारदात के वक्त दर्जनों लोग वहां मौजूद थे, लेकिन बदमाशों के खौफ और सिस्टम की बेरुखी के कारण किसी ने भी तड़पते हुए संतोष को बचाने की जहमत नहीं उठाई।

मामूली कहासुनी और फिर खूनी खेल

जानकारी के मुताबिक, संतोष एक स्टील कंपनी में काम करता था। घटना वाले दिन वह शौचालय के पास मौजूद था, तभी नशे में धुत एक शख्स (जिसका नाम नेपाल बताया जा रहा है) उससे टकरा गया। इसी मामूली बात पर विवाद इतना बढ़ा कि दो युवकों ने संतोष पर हमला बोल दिया। चश्मदीदों और परिवार के अनुसार, एक हमलावर ने संतोष के दोनों हाथ पीछे से पकड़ लिए और दूसरे ने चाकुओं से उसके शरीर को छलनी कर दिया।

तमाशबीन बनी रही भीड़, नहीं मिला वक्त पर इलाज

हादसे के बाद संतोष लहूलुहान हालत में शौचालय के अंदर गिर पड़ा और काफी देर तक तड़पता रहा। संतोष की चाची और माँ ने रोते हुए बताया, “वहाँ समोसे वाले और दुकानदार सब देख रहे थे, लेकिन कोई मेरे बेटे को बचाने नहीं आया। अगर उसे वक्त पर अस्पताल ले जाया जाता, तो शायद आज वह जिंदा होता।” स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और एम्बुलेंस के आने में हुई देरी ने संतोष की जान ले ली।

“सब जानते हैं पर कोई नहीं बोलेगा” – इलाके में दहशत का माहौल

ग्राउंड जीरो पर जब दिल्ली दर्पण की टीम ने स्थानीय लोगों से बात की, तो एक कड़वा सच सामने आया। लोगों ने दबी जुबान में स्वीकार किया कि वे हत्यारों को जानते हैं, लेकिन पुलिस के लफड़े और बदमाशों के रसूख के डर से कोई गवाह नहीं बनना चाहता। इलाके के लोगों का कहना है कि वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया अब स्नैचरों, नशेड़ियों और जेबकतरों का सुरक्षित अड्डा बन चुका है।

शौचालय बने ‘क्राइम स्पॉट’

स्थानीय निवासियों ने बताया कि इलाके के सार्वजनिक शौचालय अपराध के केंद्र बन गए हैं। यहाँ सरेआम नशा किया जाता है और रात के समय अकेले निकलना मौत को दावत देने जैसा है। लोगों का आरोप है कि पिछले 6-7 महीनों में इस इलाके में चाकुओं से हमले की एक दर्जन से ज्यादा वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस का खौफ अपराधियों में नजर नहीं आता।

निष्कर्ष: कब जागेगा प्रशासन?

संतोष की हत्या ने एक बार फिर नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या वजीरपुर के मजदूरों की जान इतनी सस्ती है कि सरेराह उनका कत्ल हो जाए और कोई नाम लेने वाला भी न मिले? फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन पीड़ित परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है।

यह भी पढ़ें: https://delhidarpantv.com/dalal-mukhf-criminal-in-sultanpur-19-year-old-youth-killed-after-chakra-aap-not-law-system-at-home-force-bjp-police-nakamam/

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