राजेंद्र स्वामी, दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में हुई एक युवक की बेरहमी से हत्या के बाद इलाके में तनाव के साथ-साथ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। 15 अप्रैल को ‘दिल्ली दर्पण टीवी’ की रिपोर्ट के अनुसार, संतोष नाम के एक युवक की मछली मार्केट में चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के विरोध में अब विभिन्न हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर न्याय की मांग तेज कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
संतोष, जो मूल रूप से नेपाल का निवासी था और वजीरपुर की एक स्टील फैक्ट्री में काम करता था, उसकी दो दिन पहले सरेआम हत्या कर दी गई थी। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि संतोष एक बेहद शरीफ और मेहनती युवक था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस हत्या के पीछे के कारणों को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
हिंदू संगठनों का हुंकार और मशाल मार्च
बुधवार को वजीरपुर की गलियों में भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए और संतोष के लिए न्याय की मांग करते हुए एक विशाल मशाल मार्च निकाला। मार्च के दौरान “ना बंटेंगे, ना कटेंगे” और “एक हैं तो सेफ हैं” जैसे नारे गूंजते रहे।
बजरंग दल और अन्य हिंदूवादी संगठनों के नेताओं ने इस घटना को ‘टार्गेट किलिंग’ करार देते हुए इसे समुदाय विशेष की सोची-समझी साजिश बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों (जैसे उत्तम नगर और वजीरपुर) में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नशे और सट्टे के कारोबार पर सवाल
रिपोर्ट के दौरान स्थानीय लोगों ने वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में फल-फूल रहे अवैध नशे और सट्टेबाजी के कारोबार पर भी गहरी चिंता जताई। लोगों का आरोप है कि इलाके में सक्रिय नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के कारण आए दिन चाकूबाजी और हत्या जैसी वारदातें हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि केवल गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि अपराधियों को फांसी की सजा दी जाए।
भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए पूरे वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, संतोष के परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय की उम्मीद तो है, लेकिन मन में डर और असुरक्षा का भाव भी बना हुआ है।

