नई दिल्ली(दिल्ली दर्पण ब्यूरो): देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस अपने अब तक के सबसे बड़े संकट से उबरकर फिर से उसी गौरवशाली मुकाम को हासिल करने की कोशिश में जुट गई है, जिस पर वह दशकों तक काबिज रही। इसी कड़ी में बुधवार को वजीरपुर में ‘आदर्श नगर जिला कांग्रेस’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा पार्टी को ‘ऊपर से नीचे’ (Top-to-Bottom) के बजाय ‘नीचे से ऊपर’ (Bottom-to-Top) के सिद्धांत पर मजबूत करना रहा। पार्टी का मानना है कि बूथ, ब्लॉक और जिला स्तर पर नए और सक्रिय नेतृत्व की पहचान करके ही एक अभेद्य ढांचा तैयार किया जा सकता है।
इस बैठक में विशेष रूप से पहुंचे मध्य प्रदेश से सांसद और प्रभारी डॉ. अशोक सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने इस दूरदर्शी अभियान के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान पार्टी की जड़ों को सींचने का काम करेगा। बैठक में जिले के अंतर्गत आने वाले पूर्व विधायक, पूर्व पार्षद, जिला और ब्लॉक स्तर के तमाम दिग्गज नेता शामिल हुए। जिला पर्यवेक्षक और पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्र नाथ ने इस दौरान सभी नेताओं को अभियान की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपसी रायशुमारी और संवाद के जरिए संगठन को सशक्त बनाना ही प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जमीन पर काम करने वाला कार्यकर्ता ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है और उन्हीं के दम पर यह बदलाव मुमकिन है।
गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा 2025 में शुरू किया गया ‘संगठन सृजन अभियान’ अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच गया है। पार्टी के दिग्गज नेता के.सी. वेणुगोपाल व्यक्तिगत रूप से इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कांग्रेस की नजर अब 2027 तक होने वाले विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों पर टिकी है। दिल्ली के संदर्भ में भी यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि नगर निगम चुनाव नजदीक हैं। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव के नेतृत्व में पार्टी अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। अब देखना यह होगा कि संगठन को धार देने की यह कवायद चुनावों में कितनी कामयाब साबित होती है।

