नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात से पहले पीड़िता और आरोपी राहुल मीणा के बीच करीब 15 मिनट तक बातचीत और बहस हुई थी, जिसने इस खौफनाक घटना की पूरी कहानी को और भी भयावह बना दिया है।
डुप्लीकेट चाबी से घर में घुसा आरोपी
पुलिस के मुताबिक, 19 वर्षीय आरोपी राहुल मीणा, जो पहले इस घर में काम कर चुका था, डुप्लीकेट चाबी के जरिए सुबह-सुबह घर में दाखिल हुआ। वह सीधे छत पर बने स्टडी रूम में पहुंचा, जहां पीड़िता पढ़ाई कर रही थी। आरोपी को देखकर लड़की हैरान रह गई, क्योंकि उसे कुछ समय पहले ही नौकरी से निकाल दिया गया था।
“यहां क्यों आए हो?”—शुरुआत हुई सवाल से
जैसे ही पीड़िता ने आरोपी को देखा, उसने तुरंत सवाल किया—“तुझे नौकरी से निकाल दिया, फिर यहां क्यों आया?” इस पर आरोपी ने बहाना बनाया कि उसे उसकी मां ने किसी काम से बुलाया है। लेकिन जल्द ही उसकी मंशा सामने आ गई, जब उसने पीड़िता से पैसों की मांग की।
पैसों को लेकर शुरू हुआ विवाद
पीड़िता ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच बहस तेज हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि लड़की घबरा गई और चिल्लाने लगी। आरोपी ने उसे चुप रहने की धमकी दी, लेकिन जब वह नहीं मानी, तो उसने अपना आपा खो दिया।

लैंप से हमला, फिर बेहोशी में दरिंदगी
गुस्से में आरोपी ने पास में रखे लैंप से पीड़िता पर हमला कर दिया। हमले में उसे गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गई। इसी हालत में आरोपी ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। यह घटना आरोपी की बर्बर मानसिकता को दर्शाती है।
लूट के लिए घसीटकर ले गया नीचे
इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को घसीटकर उस कमरे में ले गया, जहां लॉकर रखा हुआ था। उसने पीड़िता की उंगली का इस्तेमाल कर एक लॉकर खोलने की कोशिश की और दूसरे को स्क्रूड्राइवर से तोड़ दिया। वहां से नकदी और गहने निकालकर बैग में भर लिए।
सबूत मिटाने के लिए बदले कपड़े
वारदात के दौरान आरोपी के कपड़ों पर खून लग गया था। पुलिस के अनुसार, उसने सबूत छिपाने के लिए घर में ही कपड़े बदले और पीड़िता के भाई की पैंट पहन ली। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया और रेलवे स्टेशन की ओर निकल पड़ा।
जांच में जुटी पुलिस, खुलासों का सिलसिला जारी
दिल्ली पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके। शुरुआती जांच में यह साफ है कि यह वारदात अचानक नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई।

