दिल्ली हाई कोर्ट में अगले 96 घंटों के भीतर दो अहम मामलों पर सुनवाई होने जा रही है, जिन पर राजनीतिक और कानूनी गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं। इनमें एक मामला आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal और अन्य नेताओं से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला एक्साइज पॉलिसी केस से संबंधित है।
पहले मामले में दिल्ली हाई कोर्ट सोशल मीडिया पर न्यायपालिका को कथित रूप से बदनाम करने वाले पोस्ट और बयानों को लेकर स्वत: संज्ञान से शुरू हुई आपराधिक अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगा। इस मामले की सुनवाई दो न्यायाधीशों की खंडपीठ करेगी। इस याचिका में राज्यसभा सांसद Sanjay Singh, विधायक Saurabh Bharadwaj समेत कई आप नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
वहीं दूसरी बड़ी सुनवाई एक्साइज पॉलिसी मामले से जुड़ी है। इस केस में CBI ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें Arvind Kejriwal, Manish Sisodia समेत 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया गया था।
यह मामला पहले न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ के समक्ष था, लेकिन बाद में इसे नई पीठ के गठन के लिए मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया गया। अब न्यायमूर्ति मनोज जैन इस मामले में CBI की याचिका पर सुनवाई करेंगे।
इन दोनों मामलों की सुनवाई को लेकर दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाई कोर्ट में होने वाली ये सुनवाई आने वाले दिनों में बड़ा असर डाल सकती है।

