दिल्ली: 37.50 लाख की लूट का ड्रामा निकला फर्जी, कंपनी के दो कर्मचारियों ने दोस्त संग रची थी साजिश
दिल्ली दर्पण ब्यूरो | नई दिल्ली | 11 जुलाई 2026
राजधानी दिल्ली के तिमारपुर इलाके में 37.50 लाख रुपये की कथित लूट का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकला। जिस वारदात को पहले बाइक सवार बदमाशों द्वारा अंजाम दी गई लूट बताया जा रहा था, वह दरअसल कंपनी के ही दो कर्मचारियों की सुनियोजित साजिश थी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से 36.92 लाख रुपये बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 9 जुलाई को सूचना मिली थी कि चांदनी चौक के कूचा महाजनी से नकदी लेकर समयपुर बादली जा रहे कंपनी के कर्मचारियों से बुराड़ी चौक के पास बाइक सवार बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग लूट लिया। कर्मचारियों ने दावा किया कि उन्होंने बदमाशों का पीछा किया और एक आरोपी को पकड़ भी लिया, लेकिन वह उन पर हमला कर मोबाइल छीनकर फरार हो गया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को कर्मचारियों के बयानों में कई विरोधाभास मिले। सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब मोबाइल छीने जाने का दावा करने वाले कर्मचारी का मोबाइल उसी के पास मिला। इसी आधार पर पुलिस ने पूरी घटना की तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि कंपनी के कर्मचारी अभिषेक और योगेश ने अपने दोस्त विपिन के साथ मिलकर पूरी लूट की कहानी पहले से तैयार की थी। तीनों ने कैफे में बैठकर नकदी हड़पने की योजना बनाई और बाद में झूठी लूट की कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से 36 लाख 92 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सतर्क जांच, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों में विरोधाभास के चलते इस फर्जी लूटकांड का पर्दाफाश संभव हो सका।